नई दिल्ली: असहिष्णुता पर आमिर खान के बयान पर मचे बवाल के बीच शाहरुख खान ने यूटर्न लिया है। अभिनेता के मुताबिक, उन्होंने कभी नहीं कहा कि भारत असहिष्णु है। उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया था।
मालूम हो, शाहरूख ने अपने 50वें जन्मदिन पर बीते दिनों देश में ‘चरम असहिष्णुता’ की बात कही थी। कहा था कि रचनात्मकता और धर्म के प्रति असहिष्णुता देश को आहत करेगी।अब किंग खान ने सफाई दी है कि कई बार मेरी बातों का गलत अर्थ निकाला जाता है। इस कारण मैं परेशानी में भी फंस जाता हूं।
बकौल शाहरुख, उस दिन जब असहिष्णुता पर सवाल पूछा गया तो मैंने जवाब देने से इनकार कर दिया था, लेकिन उन्होंने (मीडिया) दबाव बनाया। मैंने सिर्फ यही कहा था कि युवा को भारत को एक धर्मनिरपेक्ष और विकासशील देश बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
शाहरुख के बाद हाल ही में आमिर खान ने भी असहिष्णुता पर बयान दिया। उन्होंने असहिष्णुता पर कहा कि पहली बार उनकी पत्नी किरण राव को अपने बच्चों को लेकर डर लग रहा है और वे देश छोडऩे की बात कर रही हैं। अपने इस बयान पर उन्हें बीजेपी नेताओं और बॉलीवुड एक्टर्स के विरोध का सामना करना पड़ा था।
ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने इस मामले में आमिर का साथ देते हुए कहा कि कुछ महीने पहले उन्हें भी आमिर जैसे हालात का सामना करना पड़ा था। ये बात उन्होंने मुंबई की रजा अकादमी द्वारा जारी किए गए एक फतवे का रेफरेंस देते हुए कही। ये फतवा उन्हें एक ईरानी फिल्म मोहम्मद: मैसेंजर ऑफ गॉड में म्यूजिक देने के लिए दिया गया था।
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