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Opinion: लीक हुई तो क्या, केतन मेहता के मांझी को बड़े पर्दे पर ही देखना बनता है

नई दिल्लीः साहस और दुस्साहस के कॉकटेल को सीने में जिंदा रखने वाला ‘मांझी’ जोश और जुनून के बलबूते अपने गांव में ऐसा कुछ करता है, जो गांव के लोगों के लिए मुश्किलों के पहाड़

'माझी' के अधूरे...- India TV Hindi
'माझी' के अधूरे सपने को केतन ने समझाया, क्या आप देखेंगे?

नई दिल्लीः साहस और दुस्साहस के कॉकटेल को सीने में जिंदा रखने वाला ‘मांझी’ जोश और जुनून के बलबूते अपने गांव में ऐसा कुछ करता है, जो गांव के लोगों के लिए मुश्किलों के पहाड़ को काटकर सपनों की तलाश को मुक्कमल करने वाला रास्ता बना देता है। एक सच्ची कहानी पर आधारित केतन मेहता की फिल्म मांझी भले ही लीक हो चुकी हो लेकिन अगर आप मांझी के किरदार में नवाजुद्दीन शिद्दकी को रुपहले पर्दे पर नहीं देखेंगे तो काफी कुछ मिस करेंगे। निर्देशक केतन मेहता ने 'मांझी द माउंटेन मैन' के जरिए माझी के सपने को पर्दे पर जीवंत करने की शानदार कोशिश की है।

फिल्म मांझी एक ऐसी कहानी है जिसमें मुख्य किरदार यानी मांझी में साहस और दुस्साहस दोनों की प्रतिमा दिखती है। मांझी का किरदार जो पहाड़ को बौना साबित कर देता है उन चंद किरदारों में से एक है जिसे देखना किसी के लिए भी सौभाग्य की बात होगी। बदले की आग से शुरू किया गया संघर्ष एक मकसद में तब्दील हो जाना ही मांझी का मूल विषय है।

बिहार के घेलौर गांव में रहने वाले दशरथ मांझी की आखिरी इच्छा उस गांव को हर सुविधा से लैस करना था। पहाड़ तोड़कर रास्ता निकालने का सपना तो उन्होंने खुद ही पूरा किया, लेकिन आखिर उसका एक सपना सपना ही रह गया।

2007 में उनका देहांत हुआ लेकिन लोगों के दिलों में वो आज भी अमर है। ऐसी बहुमूल्य फिल्म को सरकार ने टैक्स-फ्री क्यों किया इसकी वजह बताने की जरूरत नहीं है। ऐसी अनमोल फिल्म के मुनाफे को दान में दे देना केतन मेहता का बड़प्पन कहें या मांझी के लिए एक सम्मान का तरीका? इसको भी ज्यादा समझने की जरूरत नहीं है।

फिल्म 21 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है और मुख्य अभिनेता के तौर पर नवाज की ये फिल्म उनकी अब तक की सबसे बड़ी फिल्म साबित हो सकती है या यू कहें कि साबित हो सकती थी!

9 अगस्त को फिल्म के लीक होने की खबर से सोशल मीडिया पर तहलका तो मचा, फिल्म की टीम के माथे पर चिंता की लकीरें खिच गईं। मालूम पड़ा है कि कुछ फैंस भी नाखुश हैं। लेकिन वो थोड़े समय का नाटक ही था क्योंकि वो खुद अब फिल्म डाउनलोड कर-करके देख रहे हैं। ऐसे में फिल्म की कमाई पर चोट हो चुकी है।

हालांकि इसी साल सलमान खान की बजरंगी भाईजान भी ऑनलाइन लीक हुई थी लेकिन इसके बावजूद कमाई पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा था। उसकी वजह ये भी थी कि वो रिलीज के दो दिन पहले ही लीक हुई थी। दूसरी तरफ सलमान को बड़े पर्दे पर देखने का जुनून दर्शकों में हमेशा बढ़ते हुए ही देखा गया है।

दक्षिण भारत फिल्म 'प्रेमन' और कमल हासन की 'पापनासम' भी ऑनलाइन लीक की शिकार हुई थी लेकिन बड़ें कलाकारों के होने की वजह से इनपर मामूली सी खरोच ही लगी थी।

मांझी के साथ ऐसा नहीं है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी के रुप में मांझी की मेहनत तो फिल्म में दिखेगी। सच्चाई के करीब सिद्दीकी का अभिनय इस फिल्म में आपको चौकाने के लिए काफी भी होगा। बाक्स आफिस पर इसके भविष्य की बात करें तो नवाज का नाम ए-लिस्टर्स के साथ जुड़ जाने के कारण उनकी कमर्शियल वैल्यू बढ़ गई है। मतलब, वो सिर्फ अपने बूते पर फिल्म को सुपरहिट की श्रेड़ी में ले जाने के काबिल हैं। लेकिन इस फिल्म के लिए अब क्या वो मुमकिन होगा? क्या मेहता का मुनाफे को दान में दे देने का संकल्प पूरा होगा?

बिल्कुल होगा अगर पाइरेसी पर हम सब खुद नियंत्रण लगाए। फिल्म के लीक हो जाने पर झूठा शोक मनाने के बजाए अगर  पाइरेसी से हम आंखे मूंद ले तो ज्यादा समझदारी होगी। पाइरेसी का शिकार हो चुकी ये फिल्म जरूर देखी जानी चाहिए लेकिन ऐसे नहीं। मांझी की मेहनत का लुफ्त यूं मुफ्त में न उठाये। 21 अगस्त को रिलीज होने वाली ये फिल्म योग्य है आपकी मेहनत की कमाई के।

अगली स्लाइड में देखें फिल्म का ट्रेलर-

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