नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर आज अपना 66वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास दिन पर उन्हें दुनियाभर में मौजूद फैंस ढ़ेरों शुभकामनाएं भेज रहे हैं। ऋषि ने फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में वह कलाकार के रूप में नजर आए थे। उन्होंने एक ऐसे 14 साल के लड़के का किरदार निभाया था, जिसे अपनी टीचर से प्यार हो जाता है। फिल्म में उन्होंने अपने चेहरे की मासूमियत से हर किसी का मन मोह लिया था। लेकिन इसके बाद उन्होंने वर्ष 1973 में अपने पिता राज कपूर की फिल्म 'बॉबी' से बतौर अभिनेता इंडस्ट्री में कदम रखा। उनकी यह फिल्म भी सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद वह 'नगिना', 'चांदनी' और 'बोल राधा बोल' जैसी सफल फिल्मों का हिस्सा बने।
एक दौर ऐसा आया था कि हर फिल्मकार और अभिनेत्री उनके साथ काम करना चाहती थी। उन्होंने हर तरह की शैली के किरदारों को पर्दे पर उतारा है, लेकिन ऋषि का रोमांटिक हीरो वाला अंदाज बेहद लोकप्रिय रहा। उन्हें बॉलीवुड का चॉकलेटी ब्वॉय कहा जाने लगा। हालांकि उन्होंने अपने लंबे सफर में कई निराशाजनक फिल्में भी दी हैं। ऋषि कपूर अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। वह किसी भी बात पर खुलकर अपनी राय सामने रखने से कभी पीछे नहीं हटते। उन्होंने अपनी जिंदगी पर लिखी गई किताब 'खुल्लम खुल्ला' प्यार करेंगे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
आज उनके 66वें जन्मदिन के मौके पर हम आपके सामने ऋषि कपूर की जिंदगी के 5 ऐसे सच बताने जा रहे हैं, जिन्हें उन्होंने स्वीकार किया है।
1. ऋषि कपूर ने बताए पिता राज कपूर के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स
ऋषि कपूर इस बात का खुलासा कर चुके हैं कि उनके पिता राज कपूर, नरगिस और वैजयंती माला के साथ जुड़े हुए थे। इसी वजह से उनकी भी उनसे दूर रहने पर मजबूर हो गईं। वह तब राज कपूर के पास वापस आईं जब उन्होंने अपनी जिंदगी के इन चैप्टर्स को हमेशा के लिए बंद कर दिया।
2. अमिताभ बच्चन के साथ मनमुटाव
ऋषि कपूर ने अपनी किताब में बताया कि किस तरह से अमिताभ बच्चन हर किरदार के लिए क्रेडिट ले जाया करते थे, जबकि उन दोनों का ही काम फिल्म में शानदार होता था। ऋषि कपूर ने कहा, उन दिनों अमिताभ को ध्यान में रखकर रोल लिखे जाते थे। उन्होंने लिखा, "मुझे स्वीकारना होगा कि अमिताभ के साथ अब भी एक बड़ा मुद्दा है। उस समय में मल्टी स्टारर फिल्मों में सिर्फ यही परेशानी होती थी कि हर कोई एक्शन फिल्म चाहता था। जिसका मतलब होता था कि अगर कोई अभिनेता एक्शन किरदारों को बखूबी निभा सकता है कि तो वह सबसे ज्यादा फायदे में रहता था।"
ऋषि कपूर ने बताया कि अपनी असफलताओं के बारे में चर्चा करते हुए कहा है कि, "उस समय रिद्धिमा पैदा होने वाली थी और प्रेगनेंसी की उस नाजुक स्थिति में मेरे मुश्किल वक्तों को सहना पड़ा था। लेकिन एक दिन मैंने मैंने इन सबसे बाहर आने का सोच लिया जिसमें मेरे परिवार, दोस्तों और साथ काम करने वालों साथ दिया। मेरी मैं इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकता कि उन्होंने उस वक्त सामना कैसे किया होगा।"