A
Hindi News मनोरंजन बॉलीवुड 'आंखें' वाली दूध सी सफेद हसीना, 90s में बनी जवां दिलों की धड़कन, एक बीमारी ने किया लाचार, छोड़ना पड़ा सब कुछ, अब जी रही ऐसी जिंदगी

'आंखें' वाली दूध सी सफेद हसीना, 90s में बनी जवां दिलों की धड़कन, एक बीमारी ने किया लाचार, छोड़ना पड़ा सब कुछ, अब जी रही ऐसी जिंदगी

अक्षय कुमार और गोविंदा जैसे सितारों संग काम करके पर्दे पर छाई हसीना एक दौर में हर शख्स की जुबां पर चढ़ गई थी और लोग इनकी खूबसूरती की तारीफें करते नहीं थकते थे। अब ये हसीना बॉलीवुड से पूरी तरह दूर अलग जिंदगी गुजार रही है।

rageshwari loomba- India TV Hindi Image Source : IDMB सुनील शेट्टी, चंकी पांडे और गोविंदा के साथ रागेश्वरी लूंबा।

बॉलीवुड की चमक-दमक भरी दुनिया में कई चेहरे ऐसे होते हैं, जो कुछ ही फिल्मों में अपनी गहरी छाप छोड़ जाते हैं और फिर अचानक परदे से गायब हो जाते हैं। 90 के दशक में ऐसी ही एक अदाकारा थीं रागेश्वरी, जिन्हें दर्शक आज भी गोविंदा स्टारर सुपरहिट फिल्म 'आंखें' की प्रिया मोहन के नाम से याद करते हैं। कम फिल्मों के बावजूद रागेश्वरी ने जो लोकप्रियता हासिल की, वह बहुतों के लिए सपना ही रह जाती है। वो उस दौर की पॉप स्टार थी और उनके म्यूजिक वीडियो देखने के लिए लोग बेकरार रहते थे। कई लोग राजेश्वरी के दीवाने थे।

पहली ही फिल्म से स्टारडम

रागेश्वरी ने अपने करियर की शुरुआत 1993 में रिलीज हुई फिल्म 'आंखें' से की थी। यह उनकी पहली ही फिल्म थी और इसी ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने चंकी पांडे की ऑन-स्क्रीन गर्लफ्रेंड का किरदार निभाया था। उनकी मासूमियत, नैचुरल एक्सप्रेशंस और स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया। फिल्म की जबरदस्त सफलता के साथ ही रागेश्वरी भी चर्चा में आ गई थीं।

फिल्मों के साथ-साथ आवाज का जादू

'आंखें' के बाद रागेश्वरी ने 'दिल आ गया', 'जिद', 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी' और 'दिल कितना नादान है' जैसी कई फिल्मों में काम किया। हालांकि उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेत्री तक सीमित नहीं रही। संगीत उनकी रगों में बसा था। उनके पिता त्रिलोक सिंह लूंबा जाने-माने म्यूजिशियन थे और अपने संगीत के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी जीत चुके थे। रागेश्वरी को सुरों की समझ विरासत में मिली थी, जिसका असर उनके करियर में साफ दिखा।

90 के दशक की पॉप सेंसेशन

रागेश्वरी ने 1997 में अपने म्यूजिक करियर की शुरुआत एल्बम 'दुनिया' से की और इसके बाद वह अपने पिता के साथ सच का साथ म्यूजिक एल्बम में भी नजर आईं। 'प्यार का रंग' और 'साल दो हजार' जैसे एल्बम्स ने उन्हें म्यूजिक लवर्स के बीच खास पहचान दिलाई। यही नहीं वह MTV के शोज भी होस्ट कर चुकी थीं। 90 के दशक के आखिर तक रागेश्वरी एक सफल एक्ट्रेस, सिंगर और पॉप आइकन बन चुकी थीं।

जब जिंदगी ने लिया कठिन मोड़

लेकिन साल 2000 की शुरुआत उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। अचानक उनका एक गाल पैरालाइज्ड हो गया और उनकी आवाज भी प्रभावित होने लगी। जांच के बाद पता चला कि उन्हें बेल्स पाल्सी नाम की बीमारी हो गई है। यह बीमारी उनके करियर और आत्मविश्वास दोनों के लिए बड़ा झटका थी। हालांकि रागेश्वरी ने हार मानने के बजाय हालात से लड़ने का फैसला किया। मेडिकेशन के साथ-साथ उन्होंने योग और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया और धीरे-धीरे खुद को हील किया। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उनकी इच्छाशक्ति ने उन्हें दोबारा खड़ा किया।

नई पहचान, नया जीवन

लंबे वक्त बाद रागेश्वरी ने साल 2011 में बिग बॉस सीजन 5 के जरिए टीवी पर वापसी की। हालांकि इसके बाद उन्होंने एक्टिंग से दूरी बनाए रखी। आज वह लंदन में एक खुशहाल जिंदगी बिता रही हैं। साल 2014 में उन्होंने लंदन-बेस्ड वकील सुधांशु स्वरूप से शादी की और उनकी एक बेटी भी है। आज रागेश्वरी एक मोटिवेशनल स्पीकर, माइंडफुलनेस कोच और ऑथर के रूप में सक्रिय हैं। वह लाइमलाइट से दूर जरूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 2.31 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जो आज भी उनकी कहानी से प्रेरणा लेते हैं।

ये भी पढ़ें:  IMDb पर 9.2 रेटिंग वाला TV सीरियल, सस्पेंस का धांसू पैकेज था ये मिस्ट्री-थ्रिलर

'डिजास्टर होगी हेरा फेरी 3', अक्षय कुमार संग विवाद के बाद ये क्या बोल गए परेश रावल

Latest Bollywood News