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ध्वनि भानुशाली का 'वास्ते' बॉय याद है? ब्लैक हुडी और लंबी जुल्फों वाले चार्मिंग एक्टर का बदला रूप, कान्हा बनकर मचा रहा धूम

क्या आपको ध्वनि भानुशाली का 'वास्ते' बॉय याद है? गुस्सैल लड़का रातों-रात नेशनल क्रश बन गया था, अगर आपका सवाल है कि ये अब कहां हैं और क्या कर रहा है तो आपको बता दें कि बड़े पर्दे पर छाया हुआ है।

Dhvani Bhanushali Vaaste boy aka Siddharth Gupta- India TV Hindi
Image Source : IMDB सिद्धार्थ गुप्ता।

ग्लैमर की दुनिया में हर चमकता चेहरा अपनी एक कहानी समेटे होता है। अक्सर हम पर्दे पर दिखने वाली चकाचौंध को तो देखते हैं, लेकिन उस चमक के पीछे छिपे बरसों के अंधेरे और संघर्ष से अनजान रह जाते हैं। आज मनोरंजन जगत में एक ऐसे ही अभिनेता की चर्चा हर तरफ हो रही है, जिसने कभी एक म्यूजिक वीडियो से करोड़ों दिलों में जगह बनाई थी, लेकिन असली मंजिल पाने के लिए उसे एक दशक तक मुंबई की गलियों में अपनी पहचान ढूंढनी पड़ी। ध्वनि भानुशाली के फेमस गाने 'वास्ते' में एक हैंडसम हंक नजर आया था, आज नए अवतार में चमक रहा है। एक्टर के हालिया रोल की चर्मा है।

म्यूजिक वीडियो से रातों-रात मिली थी पहचान

बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि आज जिस अभिनेता की एक्टिंग के चर्चे हो रहे हैं, वे साल 2019 में एक बेहद लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो का हिस्सा रह चुके हैं। ध्वनि भानुशाली के सुपरहिट गाने 'वास्ते' ने सिद्धार्थ गुप्ता को रातों-रात युवाओं के बीच चॉकलेट बॉय के रूप में पहचान दिलाई थी। उस गाने में सिद्धार्थ का हूडी लुक और उनका गंभीर अंदाज दर्शकों को इतना पसंद आया कि वे इंटरनेट सेंसेशन बन गए। 'वास्ते' ने उस दौर में 90 के दशक के इंडी-पॉप संगीत की यादें ताजा कर दी थीं और सिद्धार्थ के करियर को एक शुरुआती रफ्तार दी थी।

दशक भर का संघर्ष और मुंबई की गलियां

सिद्धार्थ गुप्ता की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। हाल ही में उन्होंने मुंबई में अपनी फिल्म के पोस्टर के सामने खड़े होकर एक भावुक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने दस साल लंबे संघर्ष के दर्द को बयां किया। सिद्धार्थ ने लिखा कि वर्षों तक यह शहर उन्हें केवल एक 'इंतजार करने वाले' व्यक्ति के रूप में जानता था, कभी ऑडिशन रूम के बाहर घंटों खड़े रहना तो कभी उन फोन कॉल्स की उम्मीद करना जो कभी आए ही नहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार मन में हार मानने का ख्याल आया, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत पर भरोसा रखा। सिद्धार्थ लिखते हैं, 'आज एक दशक के बाद, जब मैं अपनी ही फिल्म के पोस्टर के सामने खड़ा हुआ, तो मुझे अपना चेहरा नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे वे अदृश्य संघर्ष के साल दिखाई दिए। हर रिजेक्शन और हर खामोश प्रार्थना का नतीजा आज मेरे सामने है।'

कृष्ण की भूमिका

सिद्धार्थ के लिए फिल्म 'कृष्णावतारम' में भगवान कृष्ण का किरदार निभाना केवल एक भूमिका नहीं, बल्कि एक भावनात्मक उपलब्धि है। भगवान कृष्ण जैसे आध्यात्मिक और महत्वपूर्ण चरित्र को पर्दे पर उतारना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे सिद्धार्थ ने पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। उन्होंने बताया कि जिस शहर ने कभी उन्हें यह महसूस कराया था कि शायद वे यहाँ के लिए नहीं बने हैं, आज उसी शहर के बड़े-बड़े बिलबोर्ड्स पर उन्हें 'कृष्ण' के रूप में देखना उनके लिए सबसे बड़ी जीत है।

संघर्ष से सफलता का नया अध्याय

सिद्धार्थ गुप्ता का फिल्मी सफर 2014 में 'कुक्कू माथुर की झंड हो गई' से शुरू हुआ था, लेकिन 'कृष्णावतारम' ने उन्हें वह पहचान दिलाई है जिसकी वे बरसों से तलाश कर रहे थे। एक दशक का धैर्य और कड़ी मेहनत आज रंग लाई है। सिद्धार्थ अब हिंदी सिनेमा के उन उभरते सितारों में शामिल हो चुके हैं, जो अपनी प्रतिभा के दम पर लंबी पारी खेलने के लिए तैयार हैं। उनका यह सफर उन हजारों युवाओं

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