Mardani 3 Box office collection day 1: पहले ही दिन चला रानी मुखर्जी का जादू? खूब मिली तारीफें, कमाए इतने करोड़ रुपये
रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 ने पहले दिन 3.80 करोड़ रुपयों का कलेक्शन किया है। अब देखना होगा कि क्या फिल्म वीकेंड पर बढ़त दर्ज कर पाती है या नहीं।

रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है और ज्यादातर लोगों को फिल्म शानदार लगी है। फिल्म में शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में रानी को देख फैन्स खुश हो गए हैं। साथ ही फिल्म ने पहले दिन 3.80 करोड़ रुपयो की कमाई भी कर ली है। सेकनिल्क के अर्ली एस्टिमेट आंकड़ों के मुताबिक मर्दानी ने पहले दिन 3.80 करोड़ रुपयों का कलेक्शन र लिया है। हालांकि ये आंकड़ा अभी बढ़ सकता है।
मुंबई में दिखा सबसे ज्यादा जलवा
रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 को अभिराज मीनावाला ने डायरेक्ट किया है। इसकी कहानी आयुष गुप्ते, दीपक किंगरानी और बलजीत सिंह मारवा ने लिखी है। फिल्म में रानी के साथ जानकी बोडीवाला और मलाइका प्रसाद भी अहम किरदारों में नजर आए हैं। फिल्म ने पहले दिन उम्मीदों से कम प्रदर्शन किया है। फिल्म की सबसे ज्यादा ऑक्यूपेंसी मुंबई में दर्ज की गई। सेकनिल्क के आंकड़ों की मानें तो ईवनिंग शो में 17.13 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी दर्ज की की गई। वहीं सुबह के शो में 8.97 प्रतिशत और दोपहर के शो में 14.78 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी देखने को मिली है। वहीं शहरों की बात करें तो फिल्म का मुंबई में सबसे ज्यादा जलवा देखने को मिला है और यहां 19.50 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है। लखनऊ ऑक्यूपेंसी के मामले में दूसरे नंबर पर रहा और यहां 17.33 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है। सूरत में सबसे कम ऑक्यूपेंसी महज 4.67 प्रतिशत देखने को मिली है।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी एक हाई-प्रोफाइल वीआईपी की बेटी और उसके घर में काम करने वाली नौकरानी की बेटी के किडनैप से शुरू होती है। रानी मुखर्जी एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आती हैं। ड्रग्स के लिए महिलाओं की ट्रैफिकिंग से जुड़े एक मामले में दमदार एंट्री के बाद, शिवानी इस ‘बेटी को बचाने’ वाले केस की जांच अपने हाथ में लेती हैं। जांच के दौरान शिवानी एक गहरी और डरावनी साजिश में उलझती चली जाती हैं। एक के बाद एक अपराध सामने आते हैं, जिनकी जड़ें एक खौफनाक मैट्रिआर्क अम्मा (मल्लिका प्रसाद) तक पहुंचती हैं। जैसे ही शिवानी को लगता है कि वह सच के करीब पहुंच रही हैं, उन्हें एहसास होता है कि मामला जितना दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा गहरा है। कई ऐसे अपराध सामने आते हैं, जो अब तक जमीन के नीचे दबे हुए थे। भरोसे और सत्ता का दुरुपयोग होता है, कड़वी सच्चाइयां उजागर होती हैं और ऐसे मुद्दों को उठाया जाता है, जिन पर आवाज उठाना बेहद जरूरी है, यही फिल्म की आत्मा है। फिल्म को इंडिया टीवी के रिव्यू में 3.5 स्टार की रेटिंग दी गई है।
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