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Hindi News मनोरंजन बॉलीवुड पद्म भूषण ही नहीं धर्मेंद्र को मिले ये अवॉर्ड, कभी 200 रुपये में करते थे गुजारा, फिर ऐसे चमकी सुपरस्टार की किस्मत

पद्म भूषण ही नहीं धर्मेंद्र को मिले ये अवॉर्ड, कभी 200 रुपये में करते थे गुजारा, फिर ऐसे चमकी सुपरस्टार की किस्मत

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने अपनी सुपरहिट और दमदार एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की।

dharmendra- India TV Hindi Image Source : INSTAGRAM/@AAPKADHARAM धर्मेंद्र

अभिनेता धर्मेंद्र पिछले काफी समय से अपनी उम्र संबंधी समस्याओं के चलते चर्चा में हैं, जो अभी भी मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। बिना किसी गॉडफादर के पहचान बना पाना बहुत मुश्किल है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने अपने फिल्मी करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी है, जो आज भी लोगों की पसंदीदा बनी हुई है। फिल्मों में उनके यादगार योगदान के लिए उन्हें कई अवॉर्ड्स दिए गए हैं। पद्म भूषण से सम्मानित हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार धर्मेंद्र ने इस मुकाम को हासिल करने के लिए बहुत मेहनत की है और आज वह 'ही मैन' के नाम से जाने जाते हैं।

सुपरस्टार बनने से पहले गैरेज में सोते थे धर्मेंद्र 

अब धर्मेंद्र के फैंस और उनके चाहने वाले उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। बता दें कि बिना किसी गॉडफादर के उन्होंने अपने दमदार अभिनय से लोगों के दिलों में और हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। पंजाब के एक छोटे से गांव साहने वाल में 8 दिसंबर 1935 को जन्मे धर्मेंद्र ने वहां से मुंबई तक का सफर अकेले तय किया, जो उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के सीजन 11 में धर्मेंद्र ने खुद अपने संघर्ष की कहानी के बारे में बताया था, जिसे सुनकर वहां मौजूद सभी लोग इमोशनल हो गए थे। उन्होंने कहा, 'मैं अपने शुरुआती दिनों में गैरेज में सोता था क्योंकि मेरे पास मुंबई में रहने के लिए घर नहीं था, लेकिन पैसे कमाने की चाह मुझे हमेशा थी।'

200 रुपये से शुरू हुआ सफर

इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि एक्टिंग करने से पहले वह क्या करते थे। धर्मेंद्र ने कहा, 'मैं हमेशा पैसे कमाने की सोचता था, लेकिन सही तरीके से और मेहनत करके। इसी वजह से मैं पार्ट टाइम जॉब ड्रिलिंग फर्म में करता था, जहां मुझे 200 रुपये मिलते थे। उस वक्त मैंने 200 रुपये से शुरूआत की थी। कई बार 200 रुपयों में मेरा गुजारा नहीं हो पाता था, इसलिए पैसा कमाने के लिए ओवरटाइम करता था।' बता दें कि धर्मेंद्र की किस्मत तब चमकी, जब 1958 में Filmfare Talent Hunt नाम की एक प्रतियोगिता हुई, जिसमें धर्मेंद्र ने हिस्सा लिया और जीत गए। यही उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट था। मुंबई आने और फिल्मों में काम करने का रास्ता यहीं से खुला।

धर्मेंद्र का इस जगह से हैं इमोशनल कनेक्शन 

अभिनेता ने इसी दौरान यह भी बताया था कि वह अपने गांव के पास के एक रेलवे पुल पर भी जाया करते थे, जहां वह घंटों बैठे रहते थे और मुंबई आने का सपना देखा करते थे। वह खुद से कहते थे कि वह एक्टर जरूर बनेंगे और उनका वो सपना पूरा हो गया। अपने गांव साहने वाल की उस पुल को याद कर धर्मेंद्र भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि वो इस जगह को कभी नहीं भूल सकते।

धर्मेंद्र को मिले ये अवॉर्ड

धर्मेंद्र को सिनेमा में योगदान देने के लिए कई अवॉर्ड और सम्मान दिए गए हैं। उन्हें साल 2012 में भारत सरकार की तरफ से भारत का तीसरा सबसे बड़ा अवॉर्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। साल 1997 में धर्मेंद्र को लाइफटाइम अचीवमेंट फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया। अपने अभिनय करियर के अलावा, धर्मेंद्र ने भाजपा की ओर से बीकानेर का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य के रूप में भी कार्य किया।

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