पिता बने संन्यासी, दिहाड़ी कर पाला पेट, फिर डायरेक्टर बन लगाई हिट फिल्मों की झड़ी, कहलाए अमिताभ बच्चन के गॉडफादर
अमिताभ बच्चन को 70 के दशक में सुपरस्टार बनाने वाले डायरेक्टर प्रकाश मेहरा की कहानी बड़ी दिलचस्प है। कभी दिहाड़ी कर अपना पेट भरते थे और बाद में सुपरहिट फिल्मों की झड़ी लगा दी थी।

जिंदगी अपने आप में ही एक संघर्ष है लेकिन इसी धरती पर कुछ ऐसे सितारे करिश्माई काम कर चुके हैं जिन्हें देखकर मुश्किल से यकीन होता है। बॉलीवुड के एक डायरेक्टर ऐसे भी हैं जिन्हें अमिताभ बच्चन का गॉडफादर भी कहा जाता है। महज 5 साल की उम्र में ही मां का साया सिर से उठ गया और 8 साल की उम्र में पिता ने संन्यास लेकर दूसरी दुनिया को चुना। अब ये बच्चा मुंबई पहुंचा और पेट पालने के लिए दिहाड़ी कर करने लगा। लेकिन मेहनत और लग्न ने उसे फिल्मी दुनिया को सुपरहिट डायरेक्टर बना दिया। इस डायरेक्टर को आज हम प्रकाश मेहरा के नाम से जानते हैं। प्रकाश मेहरा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में लोगों के जहन में बसी हैं। 'जंजीर', 'हेराफेरी', 'लावारिस', 'नमक हलाल' और 'शराबी' जैसी धमाकेदार सुपरहिट फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर प्रकाश मेहरा का 2009 में निधन हो गया था। आइये जानते हैं प्रकाश मेहरा की जिंदगी की कहानी।
5 साल की उम्र में उठा मां का साया
प्रकाश मेहरा का जन्म 13 जुलाई 1939 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुआ था। मेहरा जब 5 साल के थे उनकी मां का निधन हो गया था। मां के निधन के सदमे को उनके पिता भी बर्दाश्त नहीं कर पाए और 3 साल बाद ही उन्होंने संन्यास ले लिया। मेहरा 8 साल की उम्र में ही अकेले हो गए। लेकिन फिर भी उनका जज्बा कम नहीं हुआ और मुंबई पहुंच गए। यहां अपने एक रिश्तेदार के यहां रहे, स्टेशन पर सोए और इतना ही नहीं कभी तो फुटपाथ पर भी रहना पड़ा। लेकिन मेहरा जिंदगी के जोश से भरे थे और संघर्ष की हर दीवार लांघकर इस दुनिया में नाम कमाना चाहते थे। थोड़ा समय बीता और प्रकाश मेहरा ने पेट पालने के लिए दिहाड़ी करना भी शुरू कर दिया। फिल्म के सेट पर चाय पिलाते और प्रोडक्शन हाउस में मीनियल जॉब करते रहे। फिर यहीं से फिल्म मेकर का सपना जागा और डायरेक्टर बनने का फैसला लिया।
पहली ही फिल्म से किया कमाल
साल 1968 में प्रकाश मेहरा ने पहली फिल्म बनाई और इसका नाम था 'हसीना मान जाएगी'। शशि कपूर स्टारर ये फिल्म एक म्यूजिकल लवस्टोरी ड्रामा थी जिसे लोगों ने खूब प्यार दिया और बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही। इसके बाद प्रकाश मेहरा ने फिल्म मेला बनाई जो औसतन कमाई ही कर पाई। इसके बाद समाधि और आन बान जैसी फिल्में भी डायरेक्ट कीं। लेकिन सबसे ज्यादा पहचान दिलाई फिल्म जंजीर ने जो 1973 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने लीड रोल किया था और कमाल कर दिया था। आज भी इस फिल्म को एक कल्ट क्लासिक माना जाता है। प्रकाश मेहरा ने अमिताभ के साथ हिट फिल्मों की झड़ी लगा दी और हेरा फेरी, लावारिश, शराबी और जंजीर जैसी फिल्मों को डायरेक्ट किया। 70 के दशक में अमिताभ बच्चन को सुपरस्टार बनाने वाले डायरेक्टर भी प्रकाश मेहरा ही हैं जिन्हें अमिताभ के गॉडफादर का भी टैग लोगों का दिया था।
2009 में ऑर्गेन फेलियर से हुआ निधन
बता दें कि प्रकाश मेहरा ने अपने करियर में कई करिश्मे किए हैं और 22 से ज्यादा फिल्में बनाईं। उनकी फिल्में आज भी बॉलीवुड इतिहास के लिए एक धरोहर की तरह देखी जाती हैं। प्रकाश मेहरा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड समेत दर्जनों अवॉर्ड्स से भी सम्मानित किया गया है। साल 2009 में प्रकाश मेहरा को निमोनिया हो गया और फिर वे कभी रीकवर नहीं कर पाई। इसी दौरान मल्टीपल ऑर्गेन फेलियर से उनका निधन हो गया।
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