राजपाल यादव की फिल्म, जिसके चलते खा रहे जेल की हवा, IMDb पर मिली है ठीक-ठाक रेटिंग, फ्री में देख सकते हैं मूवी
राजपाल यादव इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। एक्टर को पुलिस के सामने सरेंडर करना पड़ा, जिसके चलते अब वो तिहाड़ जेल में हैं। इस मुश्किल में फंसने के पीछे की वजह एक फिल्म से जुड़ी है, जिसे खुद राजपाल ने निर्देशित किया था। चलिए इस फिल्म के बारे में बताते हैं।
राजपाल यादव अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और दमदार अभिनय के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी प्रोफेशनल जिंदगी नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी मामला है। मशहूर अभिनेता इस समय तिहाड़ जेल में हैं, जिसे लेकर हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर वह जेल तक कैसे पहुंच गए। दरअसल राजपाल यादव को चेक बाउंस और कर्ज से जुड़े एक मामले में जेल जाना पड़ा है। ये कर्ज उन्होंने एक फिल्म बनाने के लिए 15 साल पहले लिया था। इस फिल्म की रिलीज के बाद उन्हें भारी नुकसान हुआ। फिल्म फ्लॉप रही और ऐसे में उनके पास इतने पैसे भी नहीं बचे कि वो कर्ज की रकम चुका पाएं। इसी मामले में अब उन्हें 6 महीने की जेल हुई है। बात करें राजपाल की फिल्म की तो इसका नाम 'अता पता लापता है', ये कॉमेडी और पॉलिटिकल सटायर है।
फिल्म का प्लॉट
माधव चतुर्वेदी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं कि उनके पूरे घर में बड़ी चोरी हो गई है। शुरुआती तौर पर मामला एक सामान्य चोरी का लगता है, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई सवाल खड़े हो जाते हैं। पुलिस को शक होने लगता है कि कहीं यह चोरी इंश्योरेंस की मोटी रकम हासिल करने के लिए खुद रची गई साजिश तो नहीं है। इसी बीच मीडिया की एंट्री मामले को और भी पेचीदा और सनसनीखेज बना देती है। खबरों के चलते जनता का दबाव बढ़ता है और पुलिस पर सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी और भारी हो जाती है। हर नए सुराग के साथ कहानी नया मोड़ लेती है, जिससे अधिकारियों को गहराई से जांच करने और हर पहलू को बारीकी से खंगालने पर मजबूर होना पड़ता है।
शुरुआत अच्छी लेकिन कई खामियां
फिर अपनी गलती सुधारने की कोशिश करता है, वह अच्छा है। उनका एक डायलॉग सरकारी संपत्ति तभी तक तुम्हारी है जब तक तुम इसका इस्तेमाल नहीं करते भी बहुत अच्छा है। इस पॉलिटिकल सटायर मूवी से ऐसे ही सीन और डायलॉग की और उम्मीद थी लेकिन आगे बढ़ते हुए कहानी लड़खड़ाती है। परफॉर्मेंस के हिसाब से आशुतोष राणा इम्प्रेसिव हैं। राजपाल यादव ठीक-ठाक हैं। डायरेक्टर राजपाल यादव एक इंटरेस्टिंग प्लॉट को एग्जीक्यूट करने में बुरी तरह विफल होते नजर आए हैं। सीन में कैमरा पैनिंग (बाएं-दाएं मुड़ना) का बेवजह इस्तेमाल बहुत इरिटेट करता है। इस फिल्म को IMDb पर ठीक ठाक 5.4 की रेटिंग मिली है। फिल्म यूट्यूब पर मौजूद है और इसे आप फ्री में देख सकते हैं।
फिल्म की कास्ट, कमाई और बजट
इस फिल्म का निर्देशन खुद राजपाल यादव ने किया था। इसका लेखन संजय कुमार, संदीप नाथ और राजपाल ने मिलकर किया था। फिल्म में विनोद आचार्य, आशुतोष राणा, शरत सक्सेना, गोविंद नामदेव, गोवर्धन असरानी, अमित बहल, कृष्मा भट्ट, विक्रम गोखले, पंकज झा और यूसुफ हुसैन, मनोज जोशी, मुस्ताख खान, रजाक खान, यशपाल शर्मा, विजय राज, चेतन पंडित, हेमंत पांडे जैसे एक्टर्स नजर आए थे। फिल्म साल 2010 में रिलीज हुई थी। फिल्म को बनाने के लिए 11 करोड़ रुपये लगे थे, लेकिन इसकी कमाई सिर्फ 34 लाख ही हो पाई। फिल्म को दर्शकों का साथ नहीं मिला और ये बुरी तरह फ्लॉप हुई, जिसके चलते राजपाल यादव का भारी नुकसान हुआ। दरअसल इस फिल्म में पैसा लगाने वाले शख्स भी वही थे, उनकी पत्नी राधा यादव ही इस फिल्म की प्रोड्यूसर थीं।
चर्चा में राजपाल का बयान
अभिनेता राजपाल यादव का इमोशनल बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से ठीक पहले दिया गया उनका यह बयान न सिर्फ उनके फैंस बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को भावुक कर गया। बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजपाल यादव ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति को लेकर खुलकर दर्द बयां किया था। जब उनसे उनकी कानूनी परेशानियों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद बेबसी भरे लहजे में कहा, 'सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।'
फिल्म बनाने के लिए लिया था कर्ज
बता दें, इस फिल्म को बनाने के लिए एक्टर ने 5 करोड़ का कर्ज लिया था, जिसे चुकाने वो विफल रहे। उन्होंने 75 लाख रुपये जमा किए लेकिन बाकी रकम वो नहीं चुका पाए। उन्हें कोर्ट की ओर से 20 मौके दिए गए लेकिन वो रकम चुकाने में विफल थे, वो और वक्त मांग रहे थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी इस याचिका को खारिज करते हुए उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा, जिसके बाद उन्होंने जेल जाना ही बेहतर समझा।
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