एक्ट्रेस सामंथा और फिल्ममेकर राज की बीते दिन शादी हो गई। दोनों ने कोयंबटूर के मंदिर में शादी की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर धूम मचा रही हैं। इन खूबसूरत फोटोज के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में है सामंथा की बड़ी और अनोखी वेडिंग रिंग। अपनी बोल्ड और एजी पसंद के लिए जानी जाने वाली सामंथा ने इस बार भी पारंपरिक वेडिंग बैंड या क्लासिक सॉलिटेयर के बजाय एक बेहद खास, ध्यान खींचने वाला डिजाइन चुना है।
कितनी खास है सामंथा की वेडिंग रिंग
यह कोई क्लासिक सॉलिटेयर या सेफ डिजाइन नहीं है, यह एक रेयर कलेक्टर पीस है जो डायमंड्स से बना एक नया चैप्टर जैसा लगता है। एक्सपर्ट और कंटेंट क्रिएटर प्रियांशु गोयल ने अपनी इंस्टाग्राम रील में बताया कि रिंग के फ्रेम को एक-एक करके देखने के बाद ये जाहिर हो रहा है कि इसके बीच में लगभग 2 कैरेट का एक लोजेंज पोर्ट्रेट कट डायमंड है और इसके चारों ओर पंखुड़ियों जैसे आकार के 8 कस्टम पोर्ट्रेट कट डायमंड्स हैं। यह उनके हाथ पर आसानी से दिखता है लेकिन इसके पीछे की इंजीनियरिंग बहुत कॉम्प्लेक्स है। दुनिया में कुछ ही वर्कशॉप इस लेवल पर पोर्ट्रेट डायमंड्स को काटते और असेंबल करते हैं।
कितनी है रिंग की कीमत
भले ही एक नजर में उनकी अंगूठी प्लास्टिक की लगे या कोई अटपटा डिजाइन लगे, लेकिन असल में ये बेहद कीमती है। इस रिंग की कीमत आसानी से लगभग ₹1.5 करोड़ हो सकती है। ये रिंग एक फुल स्टेटमेंट पीस। बोल्ड, मॉडर्न, इमोशनल और ऐसा कुछ भी नहीं जो अब तक किसी सेलिब्रिटी ने पहना हो। राज की एक खूबसूरत पसंद और सामंथा की टाइमलेस और निडर एनर्जी के लिए एक परफेक्ट मैच है। कई लोगों ने इस वेडिंग रिंग को देखने के बाद यही कहा कि ये ऐश्वर्या राय की वेडिंग रिंग से भी ज्यादा यूनिक है।
कैसे तैयार हुई सामंथा की रिंग?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार MISSHK फाइन ज्वेलरी की फाउंडर हफ्सा कुरैशी के बताया कि यह रिंग पोर्ट्रेट-कट डायमंड से बनी है बीच में एक बड़ा डायमंड, जिसके चारों ओर पंखुड़ियों की तरह जुड़े कस्टम-कट छोटे डायमंड लगे हैं। उन्होंने बताया कि इन डायमंड्स को बनाने से पहले कारीगर को पूरा डिजाइन दिखाना पड़ता है, ताकि वह उसे उसी आकार में काट सके। यह बेहद जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है। पोर्ट्रेट-कट डायमंड बेहद पतला और साफ-सुथरा फ्लैट डायमंड होता है, जिसे बिना तोड़े बेहद सावधानी से काटा जाता है। यह कॉम्प्लेक्स स्किल केवल कुछ ही विशेषज्ञों के पास होती है, इसलिए इस तरह के डायमंड बड़े स्तर पर नहीं बनाए जाते और आमतौर पर कस्टम डिजाइन के लिए ही तैयार किए जाते हैं।
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