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Hindi News मनोरंजन बॉलीवुड 'जना नायकन' सर्टिफिकेट विवाद अब तक नहीं सुलझा, मेकर्स ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, कहां अटका मामला?

'जना नायकन' सर्टिफिकेट विवाद अब तक नहीं सुलझा, मेकर्स ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, कहां अटका मामला?

थलापति विजय की 'जना नायकन' को लेकर शुरू हुआ सर्टिफिकेट विवाद अब तक नहीं सुलझ पाया है। मद्रास हाई कोर्ट की एकल पीठ ने सीबीएफसी को जल्द से जल्द प्रमाणित करने का निर्देश दिया था, लेकिन जवाब देने के लिए अपर्याप्त समय मिलने के कारण, डिवीजन बेंच ने इस पर रोक लगा दी थी।

thalapathy vijay- India TV Hindi Image Source : YOUTUBE SCREEN GRAB VN PRODUCTIONS थलापति विजय।

तमिल सुपरस्टार थलपति विजय के फैंस बेसब्री से उनकी फिल्म 'जना नायकन' की रिलीज का इंतजार कर रहे थे, जो 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होनी थी। लेकिन, रिलीज से ठीक पहले विजय की फिल्म सीबीएफसी और अदालती ड्रामे में फंस गई और फिल्म की रिलीज मेकर्स को ना चाहते भी पोस्टपोन करनी पड़ी। ये फिल्म थलापति विजय के राजनीति में आने से पहले आखिरी फिल्म मानी जा रही थी। इस बीच फिल्म के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसके बाद मामला और भी पेचीदा हो गया है।

'जना नायकन' के मेकर्स ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख

जना नायकन ने मद्रास उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच द्वारा पारित उस आदेश के खिलाफ अपील की है, जिसमें उसी न्यायालय की सिंगल बैंच द्वारा पारित एक पूर्व आदेश पर रोक लगाई गई थी। डिवीजन बेंच ने फिल्म को तुरंत मंजूरी देने के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के आदेश पर रोक लगाई थी।

क्या है मामला?

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सीबीएफसी ने 'जना नायकन' को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया। मद्रास उच्च न्यायालय की सिंगल मेंबर बेंच ने 9 जनवरी को निर्माताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि बोर्ड को प्रमाणन देना ही होगा। हालांकि, मामले में अचानक बदलाव आया और सीबीएफसी ने उसी दिन डिवीजन बेंच में अपील दायर की, जिससे पहले के आदेश पर रोक लगा दी गई। अब मामले पर अगली सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित की गई है। डिवीजन बेंच का मानना ​​था कि सिंगल मेंबर बेंच ने सीबीएफसी को मामले पर जवाब देने के लिए उचित समय नहीं दिया था।

जना नायकन की टीम का पक्ष

फिल्म के निर्माताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि सर्टिफिकेशन प्रक्रिया दिसंबर 2025 से ही चल रही थी। शुरुआत में, सीबीएफसी ने कुछ बदलाव सुझाए, जिन पर मेकर्स ने सहमति भी जताई। 24 दिसंबर को एक संशोधित संस्करण प्रस्तुत किया गया। और 29 दिसंबर तक, चेन्नई स्थित सीबीएफसी के क्षेत्रीय कार्यालय ने फिल्म के सर्टिफिकेट की पुष्टि कर दी। लेकिन सीबीएफसी पोर्टल में एक टेक्निकल ग्लिच के कारण अंतिम अपलोड प्रक्रिया बाधित हो गई। निर्माताओं ने तुरंत बोर्ड को सूचित किया, लेकिन फिर 5 जनवरी को मामला पेचीदा हो गया। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री और सशस्त्र बलों के चित्रण के बारे में एक शिकायत के बाद, सीबीएफसी के अध्यक्ष ने फिल्म को समीक्षा समिति के पास भेजने का फैसला किया। दिलचस्प बात यह है कि शिकायत उस जांच समिति के एक सदस्य की ओर से आई थी जिसने पहले ही फिल्म को मंजूरी दे दी थी।

कब है सुनवाई?

अब 'जना नायकन' सर्टिफिकेशन मामले पर डिवीजन बेंच की सुनवाई की तारीख 20 जनवरी तय की गई है और तब तक फिल्म की रिलीज अधर में लटकी हुई है। इस बीच, मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। लेकिन, फिल्म की रिलीज पर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है।

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