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The Filmy Hustle Exclusive: कैसे अनन्या पांडे ने नेपोटिज्म के बैरियर को तोड़ा और बनीं स्टार, राजीव मसंद ने बताई पर्दे के पीछे की कहानी

The Filmy Hustle Exclusive: इंडिया टीवी के 'द फिल्मी हसल' पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान फिल्म समीक्षक राजीव मसंद ने बताया कि कैसे अनन्या पांडे ने नेपोटिज्म के बैरियर को तोड़कर अच्छी फिल्में कीं और अपना नाम बनाया।

अनन्या पांडे उन चंद स्टारकिड्स में से हैं जिन्होंने नेपोटिज्म के विरोध की आंधी को तोड़ा और फिल्मी दुनिया में एक खास मुकाम हासिल किया है। हाल ही में फोर्ब्स एशिया की टॉप-30 अंडर 30 में शामिल होने वाली अनन्या ने अपनी मेहनत और स्मार्ट वर्क से बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई है। इसके पीछे की कहानी के तमाम सूत्रधारों में से एक रहे फिल्मी दुनिया के जाने माने समीक्षक राजीव मसंद ने बताई है। रविवार को प्रीमियर हुए इंडिया टीवी के पॉडकास्ट 'फिल्मी हसल' में शामिल हुए, जहां उन्होंने फिल्मी दुनिया की कई कहानियां शेयर कीं। साथ ही बताया कि कैसे अनन्या पांडे ने नेपोटिज्म के विरोध की आंधी को पार किया और लगातार मेहनत करती रहीं। उनकी मेहनत भी रंग लाई और उन्होंने बॉलीवुड में अपना नाम कमा लिया। 'हम क्रिएटिव दुनिया में काम करते हैं। यहां हम टीम के साथ फैसले लेते हैं और उन्होंने जिस तरह से खुद को ढाला को कमाल है। अनन्या भले ही अंग्रेजी बैकग्राउंड की फिल्मी परिवार से आती है। लेकिन उसने लगातार मेहनत की और स्मार्ट वर्क किया। जिस तरह की कहानियां उन्होंने की और डायरेक्टर्स के साथ काम किया वो काफी शानदार था। हम सब ये देखते हैं कि किस तरह की चीजें मार्केट में चल रही हैं और सतही टैलेंट है। अनन्या को मौके मिले और उन्होंने मेहनत से काम किया। जैसे कॉल मी बे में अनन्या में डायरेक्टर्स ने भरोसा किया और कंट्रोल में विक्रमादित्य मोटवानी ने भी उनसे शानदार काम कराया।' 

किम शर्मा ने बताई एक्टर्स की चुनौतियां
बॉलीवुड एक्ट्रेस किम शर्मा ने बताया कि कला की दुनिया आपके इंस्टिंक्ट से चलती है। यहां प्रोजेक्ट्स की शुरुआत में कोई शेप नहीं होता हमें भरोसा करना पड़ता है और आगे बढ़ना पड़ता है। किम ने कहा, 'बॉलीवुड पूरी दुनिया की फिल्म इंडस्ट्री से अलग है। यहां चीजें दूसरे तरह से होती है। जैसे पैपराजी हॉलीवुड में बिल्कुल अलग तरह से ऑपरेट होते हैं। लेकिन यहां तरीके अलग हैं, लोग फोन करके बुला लेते हैं। ये तरीके भारत के हैं। यहां की कहानियों में भी यही है कि यहां क्या चल रहा है। लोगों का पर्सेप्शन क्या है क्योंकि आखिर में यही वास्तिवकता बन जाता है। हमें अपने मूल विश्वास वाले फैसले के साथ आगे बढ़ना पड़ता है कि क्या चलेगा और क्या नहीं।' 

एजेंट और आर्टिस्ट के बीच का कैसा रहता है संबंध
राजीव मसंद ने पॉडकास्ट में बताया कि 'हम कहानियां देखते हैं और वर्तमान में मार्केट कैसा चल रहा है। मैं एक पत्रकार रहा हूं मैं एक्टर्स को करीब से जानता हूं। लेकिन मैंने कभी एक्टिंग नहीं की है तो मैं उनकी असुरक्षाएं नहीं  जान सकता कि वे क्या सोचते हैं। साथ ही वे परिस्थियों पर कैसा नजरिया रखते हैं। हम टीम के साथ काम करते हैं और अच्छी कहानी चुनने की कोशिश करते हैं। अनन्या ने भी यही किया तभी करण जौहर ने कंट्रोल में भरोसा जताया और विक्रमादित्य मोटवानी ने वो काम करा दिया।' राजीव मसंद ने बताया कि कैसे अनन्या पांडे ने अपनी मेहनत से सारे बैरियर्स को तोड़ा और अपना नाम बनाया। पूरा पॉडकास्ट देखने के लिए ऊपर दिए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं या फिर इंडिया टीवी के यूट्यूब चैनल पर भी देख सकते हैं। 

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