Ittefaq: अक्षय खन्ना की धरी रही धुरंधरी, कहानी का विलेन ही निकला था असली हीरो, नेटफ्लिक्स पर है ये मौत का खेल
साल 2017 में रिलीज हुई बेहतरीन मर्डर मिस्ट्री फिल्म इत्तेफाक को 7.2 की आईएमडीबी रेटिंग मिली है। फिल्म नेटफ्लिक्स पर मौजूद है।

धुरंधर फिल्म के बाद अक्षय खन्ना और उनके करियर के बेहतरीन किरदार खूब सुर्खियों में रहे। लोगों ने उनके हंगामा से लेकर 'गांधी माई फादर' तक की फिल्मों में उनकी कमाल की अदाकारी खोज निकाली। ऐसी ही एक फिल्म करीब 9 साल पहले आई थी जिसमें अक्षय खन्ना एक पुलिस अधिकारी के रोल में हैं लेकिन फिर भी उनकी धुरंधरी धरी रह जाती है। कहानी का हीरो ही इसका असली विलेन निकलता है और मौत के फेर में अक्षय खन्ना का दिमाग उलझ जाता है। ये कहानी नेटफ्लिक्स पर मौजूद है और फिल्म का नाम है 'इत्तेफाक'।
मौत के खेल में बुना जाल बनता है कातिल
इस कहानी की नींव ही 2 हत्याओं से शुरू होती है। कहानी शुरू होती है और पुलिस अधिकारी देव वर्मा (अक्षय खन्ना) एंट्री लेते हैं। एक भारतीय मूल का ब्रिटिश राइटर है और सुपरहिट किताबों के लिए पॉपुलर है। हाल ही में एक किताब लिखता है जो रेप विक्टिम लड़की की कहानी लिखता है। किताब सुपरहिट और जिस लड़की की जिंदगी पर लिखी है उसका नाम लीक हो जाता है। लड़की का नाम सामने आते ही लोग संवेदनाओं का अंबार लेकर उसके पीछे पड़ जाते हैं। जिंदगी उथलपुथल और फिर शुरू होता है मौत का खेल। अब इस ब्रिटिश राइटर की पत्नी की अचानक रात में ही मौत हो जाती है। राइटर भी कहीं से भागता हुआ आता और कार का एक्सीडेंट हो जाता है। इसके बाद मदद के लिए पास के एक घर में जाता है और यहां भी एक हत्या की साजिश उसका स्वागत करती है। अब ये महज इत्तेफाक है या मौत का खेल असली निकलता है इसके लिए तो आपको देखना होगा फिल्म 'इत्तेफाक' नेटफ्लिक्स पर मौजूद है।
सोनाक्षी और सिद्धार्थ मल्होत्रा की दमदार एक्टिंग
फिल्म को अभय चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था और साल 2017 में रिलीज हुई थी। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी सिन्हा और पवेल गुलाटी अहम किरदारों में नजर आए थे। फिल्म की कहानी एक मर्डर मिस्ट्री है और सभी एक्टर्स ने कमाल का काम किया है। भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक के किरदार में सिद्धार्थ ने अपने किरदार को पकड़े रखते हैं और कहानी पूरी तरह से बांधे रखते हैं। सोनाक्षी सिन्हा ने भी कमाल का काम किया है। फिल्म की कहानी अभय चोपड़ा के साथ श्रेयस जैन, निखिल मल्होत्रा ने लिखी है।