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समय रैना नहीं इस स्टैंडअप कॉमेडियन पर भड़क गईं कुशा कपिला, शो में की ऐसी बातें कि खौल गया खून

बॉलीवुड एक्ट्रेस कुशा कपिला हाल ही में एक स्टैंडअप कॉमेडियन पर भड़क गई। कुशा ने वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए जमकर फटकार लगाई है।

Kusha Kapila- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM@KUSHAKAPILA कुशा कपिला

बॉलीवुड एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर कुशा कपिला अक्सर ही सुर्खियों में रहती हैं। बीते दिनों स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के साथ शो किया और ऐसा रोस्ट कराया कि 1 महीने तक बवाल चलता रहा। कुशा कपिला ने समय रैना के जोक्स की गंभीर रूप से आलोचना की और बाद में इसको लेकर अपने विचारों को भी खुलकर शेयर किया। हालांकि थोड़े समय बाद ये मामला शांत हो गया। लेकिन अब कुशा कपिला का एक दूसरे स्टैंडअप कॉमेडियन पर गुस्सा फूट पड़ा है। कुशा कपिला ने इस स्टैंडअप कॉमेडियन के वीडियो की क्लिप शेयर करते हुए उन्हें महिलाओं के प्रति भद्दे कमेंट्स करने को लेकर फटकार लगाई है। कुशा कपिला ने स्टैंडअप कॉमेडियन की बातों को गंभीरता से लिया और इसे बेहद अपमान जनक बताते हुए फटकार लगाई है। 

क्या है पूरा मामला?

दरअसल बीते कुछ समय पहले कविराज नाम के यूट्यूब चैनल से स्टैंडअप का एक वीडियो रिलीज हुआ। ये वीडियो चंद घंटों में ही वायरल हो गया और 3 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर गया। इस वीडियो में कविराज नाम के स्टैंडअप कॉमेडियन ने महिलाओं को लेकर जोक्स किए और खूब वायरल रहे। अब वीडियो के कुछ दिन बाद कुछ दूसरे सोशल मीडिया कथित इंन्फ्लूएंसर्स ने इसकी आलोचना की और कॉमेडियन के जोक्स को डेरोगेट्री बताया। अब इस वीडियो को कुशा कपिला ने भी अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में स्क्रीनशॉट लेकर आपत्ति जताई है। जिसमें कुशा कपिला ने कुछ शब्दों को लेकर कहा कि ये गलत हैं और इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। 

इन बयानों पर भड़क गई कुशा कपिला

कुशा ने इस वीडियो पर आपत्ति जताते हुए लिखा, 'देखिए, कॉमेडियन को अपने शब्दों के परिणामों का एहसास है। वह ठीक वैसी ही प्रतिक्रिया पाने के लिए ऐसा कह रहा है जैसी उसे मिल रही है। वो अपना ओपिनियन नहीं बदलेगा। लेकिन सबसे ज्यादा दुख की बात यह है कि उसे जो भारी समर्थन मिल रहा है, जो दान मिल रहे हैं, और जिस संस्कृति को वह अपने शब्दों से बढ़ावा दे रहा है, वह खतरनाक है और हमें दशकों पीछे धकेल रही है। यह वही कहानी है सामग्री निर्माण के अपने सात वर्षों में, मैंने इस चक्र को दोहराते देखा है। महिला कलाकार कितनी भी रैली कर सकती हैं, ऐसी घटिया सोच के खिलाफ, ये होता ही रहता है और केवल एक चीज जो हम जारी रख सकते हैं वो है इसे खत्म करना। यह भी आलसी लेखन है, अधिकांश कॉमिक्स और लेखक आपको बताएंगे कि ये एकदम सबसे कम लटका हुआ फल है। मुझे बस ये सोच कर डर लग रहा है जो लोग इसको पैसे दे रहे हैं, वो असल जिंदगी में औरतों के साथ कैसे काम करेंगे?