A
Hindi News मनोरंजन ओटीटी 'रामायण'-'लव-कुश' ही नहीं, रामानंद सागर का 41 साल पुराने इस टीवी शो को भी नहीं भूल पाए दर्शक, IMDb मिली 8.3 रेटिंग

'रामायण'-'लव-कुश' ही नहीं, रामानंद सागर का 41 साल पुराने इस टीवी शो को भी नहीं भूल पाए दर्शक, IMDb मिली 8.3 रेटिंग

'रामायण' और 'लव-कुश' जैसे कई बेहतरीन धारावाहिक बनाने वाले रामानंद सागर का एक और शो 1985 में आया था, जिसकी कहानी दर्शक 41 साल बाद भी भूल नहीं पाए हैं।

ramanand sagar ramayan- India TV Hindi Image Source : SCREEN GRAB FROM TILAKKATHAYEIN अरविंद त्रिवेदी

हॉरर, ड्रामा और रोमांस से भरपूर कई तरह के कंटेंट उपलब्ध है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सिनेमाघरों में नहीं बल्कि घर पर टीवी सोज देखना पसंद करते हैं। जैसे एक वक्त लोग अपना सारा काम खत्म कर 'रामायण' और 'लव-कुश' जैसे धार्मिक धारावाहिक देखने के लिए तैयार बैठे रहते थे, लेकिन इस डिजिटल युग में ओटीटी का क्रेज भी अब दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है क्योंकि लोगों को हर चीज घर बैठे देखने की आदत हो गई है। यूं समझिए कि ओटीटी प्लेटफॉर्म एक ऐसी जगह है, जहां हर तरह की नई-पुरानी फिल्में, वेब शोज से लेकर सीरियल तक सब कुछ देखने को मिल सकता है और इस प्लेटफॉर्म पर हमारे पुराने कल्ट क्लासिक शो भी उपलब्ध भी है। हालांकि, आज हम आपको एक 41 साल पुराने टीवी शो के बारे में बताने जा रहे है, जिसकी कहानी से लेकर किरदार तक आज भी लोगों के दिलों में घर बनाए हुए हैं। यह शो 1985 में आया था और दूरदर्शन पर प्रसारित होता था।

41 साल पुराने इस शो की यादगार कहानी

हम बात कर रहे हैं 'विक्रम और बेताल' की, जिसकी कहानी आज भी लोग बड़े चाव से सुनाने के लिए तैयार रहते हैं। 'रामायण' और 'लव-कुश' के बाद आज भी रामानंद सागर के विक्रम और बेताल की सबसे ज्यादा चर्चा होती है। 'विक्रम और बेताल' एक इंडियन टीवी सीरीज है जो 1985 में डीडी नेशनल पर प्रसारित हुआ था। 'रामायण' की जबरदस्त सफलता के बाद, इसे 1988 में फिर से दिखाया गया। यह शो भारतीय पौराणिक कथाओं की कहानियों पर आधारित था। कुल 26 एपिसोड के इस शो को आप जिओ सिनेमा पर भी देख सकते हैं।

विक्रम बेताल की धांसू कहानी

टीवी सीरीज 'विक्रम और बेताल' (1985-1986) को IMDb पर 10 में से 8.3 रेटिंग मिली है। बता दें कि राजा विक्रमादित्य और एक बेताल (भूत) के बीच की कहानी को दिखाया गया है, जहां बेताल राजा को एक कहानी सुनाता है और अंत में एक रहस्यमयी सवाल पूछता है। यदि राजा जवाब देता है तो बेताल वापस पेड़ पर लौट जाता है और यदि राजा चुप रहता है तो बेताल उसे ले जा सकता है। इसकी कहानी दर्शकों को बहुत पसंद आई। बाद में कई मेकर्स ने इस विषय पर कहानियां पेश की। इसमें अरुण गोविल, सुनील लहरी, अरविंद त्रिवेदी, दीपिका चिखलिया, विजय अरोड़ा, रमेश भटकर, मूलराज राजदा और लिलिपुट जैसे बेहतरीन कलाकार नजर आए थे, जो इसके पहले 'रामायण' और 'लव-कुश' में भी नजर आ चुके हैं।

ये भी पढे़ं-

राजेश खन्ना को किया था डेट, लेकिन ब्रेकअप के बाद बिजनेसमैन से रचाई शादी, अब अकेले बिता रहीं जिंदगी, पहचाना क्या?

शिवकार्तिकेयन की 'पराशक्ति' का बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन रहा ये हाल, कमा डाले इतने करोड़ रुपये