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सिर्फ 34 एपिसोड वाला 41 साल पुराना TV सीरियल, अजब-गजब थे किरदार, पेट पकड़कर हंसते थे लोग, IMDb पर है 8.6 रेटिंग

दूरदर्शन का वो दौर, जब दो बहनों की जुगलबंदी ने कॉमेडी को नई परिभाषा दी, आज भी लोगों के दिमाग में ताजा है। इस शो IMDb पर 8.6 की रेटिंग मिली है। 41 साल पुराने इस टीवी शो में सिर्फ 34 एपिसोड ही हैं।

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Image Source : IDHAR UDHAR idhar udhar

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में 1980 का दशक सबसे शानदार दौर माना जाता है। यह वह समय था जब मनोरंजन का मतलब केवल शोर-शराबा नहीं, बल्कि सादगी और बेहतरीन लेखन हुआ करता था। उस दौर में दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिकों की खासियत यह थी कि उन्हें बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक एक साथ बैठकर एंजॉय किया करते थे। इसी दौर में यानी साल 1985 में एक ऐसा धारावाहिक पर्दे पर आया जिसने कॉमेडी के मायने ही बदल दिए। यह शो इतना प्रभावशाली था कि आज 41 साल बाद भी इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह थी कि इसने रोजमर्रा की जिंदगी की छोटी-छोटी परेशानियों को इतने मजाकिया ढंग से पेश किया कि लोग पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर हो जाते थे।

रत्ना और सुप्रिया पाठक की बेमिसाल केमिस्ट्री

इस क्लासिक कॉमेडी शो का सबसे मजबूत पक्ष इसकी स्टार कास्ट थी। इस सीरियल में हिंदी सिनेमा की दो दिग्गज अभिनेत्रियां और असल जिंदगी की सगी बहनें रत्ना पाठक शाह और सुप्रिया पाठक पहली बार एक साथ नजर आई थीं। हम बात कर रहे हैं यादगार शो 'इधर-उधर' की। इस धारावाहिक में रत्ना पाठक ने 'सुनीता' और सुप्रिया पाठक ने 'पूनम' का किरदार निभाया था। दोनों की टाइमिंग और आपसी तालमेल इतना सटीक था कि दर्शक उनकी अदाकारी के कायल हो गए। इन दोनों के अलावा शो में रवि वासवानी जैसे कलाकारों ने अपनी मौजूदगी से हास्य का तड़का लगाया था।

मुंबई की लाइफस्टाइल और संघर्षों की कहानी

'इधर-उधर' की कहानी दो युवा कामकाजी महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सपनों के शहर मुंबई में अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। शो में दिखाया गया है कि सुनीता एक एयर होस्टेस है और पूनम एक विज्ञापन एजेंसी में काम करती है। दोनों मुंबई के एक किराए के अपार्टमेंट में साथ रहती हैं। कहानी में दिलचस्प मोड़ तब आता है जब वे अपने घर को एक ब्रोकर सुधीर के साथ शेयर करती हैं। हर एपिसोड में करियर की जद्दोजहद, रिश्तों की उलझन और शहरी जीवन की आम समस्याओं को बेहद खूबसूरती और हंसी-मजाक के साथ पिरोया गया था। उस दौर के युवा इस कहानी से खुद को पूरी तरह जोड़ पाते थे।

IMDb पर शानदार रेटिंग और OTT पर मौजूदगी

मात्र 34 एपिसोड वाले इस सीरियल की क्वालिटी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी IMDb पर इसकी रेटिंग 8.6 है। यह रेटिंग किसी भी भारतीय कॉमेडी शो के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। भले ही आज टीवी की दुनिया बदल गई हो, लेकिन इस शो की प्रासंगिकता आज भी बरकरार है। अगर आप उस दौर की यादें ताज़ा करना चाहते हैं या शुद्ध कॉमेडी का आनंद लेना चाहते हैं तो 'इधर-उधर' के एपिसोड्स आज भी यूट्यूब पर मुफ्त में उपलब्ध हैं। आनंद महेंद्रू के निर्देशन में बना यह शो आज के दौर के कॉमेडी शोज के लिए एक मील का पत्थर है, जो साबित करता है कि हंसी बिखेरने के लिए फूहड़पन की नहीं, बल्कि अच्छी पटकथा की जरूरत होती है। इस शो के सभी एपिसोड यूट्यूब पर मौजूद हैं।

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