ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया (BARC) ने हिंदी टीवी शो के 17वें हफ्ते की टीआरपी रिपोर्ट जारी कर दी है और रैंकिंग में काफी फेरबदल देखने को मिला है। स्मृति ईरानी का शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' इस हफ्ते अपनी टॉप पोजिशन बरकरार रखने में नाकाम रहा और जी टीवी के 'वसुधा' ने नंबर 1 पर कब्जा कर लिया। टीआरपी टॉप 5 में इस बार सबसे बड़ा उलटफेर हुआ है।
वसुधा ने क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 को पछाड़ा
17वें हफ्ते में 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' दूसरे स्थान पर खिसक गया, जबकि 'वसुधा' ने इस हफ्ते की सबसे ज्यादा TRP के साथ टॉप स्थान हासिल कर लिया। गॉसिप टीवी के अनुसार जी टीवी के शो 'वसुधा' ने लगभग छह साल बाद ओवरऑल हिंदी GEC चार्ट में टॉप स्थान हासिल किया है। नंबर 2 पर खिसकने के बावजूद, क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 ने अपनी लोकप्रियता बरकरार रखी है।
टीआरपी टॉप 5 में जी टीवी शोज का जलवा
'वसुधा' ने 1.8 की टीवीआर के साथ रैंक 1 पर है और 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' को पीछे छोड़ दिया है। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' 1.7 के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है, लेकिन टेलीविजन पर सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वालों में से एक बना हुआ है। जी टीवी का शो 'गंगा माई की बेटियां' 1.6 के साथ तीसरी रैंक हासिल की है। जी टीवी का सबसे चर्चित शो 'तुम से तुम तक' 1.5 के साथ रैंक 4 पर है, जबकि 'अनुपमा' रैंक 5 और' ये रिश्ता क्या कहलाता है' रैंक 6 पर है, दोनों एक ही रेटिंग ब्रैकेट के अंदर हैं, लेकिन मामूली अंतर के कारण स्थान अलग है।
क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं का जादू पड़ा फीका
'उड़ने की आशा' 1.4 के साथ रैंक 7 पर है और इसके बाद 'क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं' रैंक 8 पर और 'नागिन 7' रैंक 9 पर है। वहीं, 'लाफ्टर शेफ्स अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट' 1.4 के साथ रैंक 10 में शामिल हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि स्टार प्लस का पॉपुलर शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के स्पिन-ऑफ ने शुरुआती तीन हफ्तों तक टॉप 5 में अपनी मजबूत जगह बनाए रखी, लेकिन अब इसका जादू फीका पड़ता नजर आ रहा है।
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