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Hindi News Explainers Explainer: क्या इमरान का होगा जुल्फिकार अली भुट्टो जैसा हाल, मुनीर के खिलाफ आखिरी पोस्ट के बाद कहां गायब हो गए खान?

Explainer: क्या इमरान का होगा जुल्फिकार अली भुट्टो जैसा हाल, मुनीर के खिलाफ आखिरी पोस्ट के बाद कहां गायब हो गए खान?

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की अडियाला जेल में मौजूदगी अब जिंदगी और मौत के बीच का रहस्य बन चुकी है। इमरान खान का यह हाल तब हुआ है, जब उन्होंने 5 नवंबर को पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर के खिलाफ अपना आखिरी पोस्ट किया था।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (बाएं) और असीम मुनीर पाकिस्तान के सीडीएफ (दाएं)- India TV Hindi Image Source : AP पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (बाएं) और असीम मुनीर पाकिस्तान के सीडीएफ (दाएं)

Explainer: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का भी हाल क्या जुल्फिकार अली भुट्टो जैसा होने वाला है, जिन्हें गुपचुप तरीके से जेल में ही फांसी पर लटका दिया गया था?...इमरान खान ने पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर के खिलाफ ऐसे कौन सी पोस्ट लिख दी थी, जिसके बाद से वह अचानक गायब हो गए और उन्हें उनके परिवारजनों तक से मिलने नहीं दिया जा रहा। ऐसे में इमरान के जिंदा या मृत होने की बात रहस्यमयी बन चुकी है। इमरान खान के बारे में अचानक से सूचना मिलनी तब बंद हुई है, जब उन्होंने करीब 3 हफ्ते पहले असीम मुनीर के तानाशाही रवैये के खिलाफ एक्स पर पोस्ट किया था। इमरान अपनी उसी पोस्ट के बाद से अचानक गुमशुदा हो गए। 

 

मुनीर के ताकतवर होते ही इमरान खान हुए गायब

इमरान खान की मौजूदगी उस वक्त रहस्यमयी बन गई, जब असीम मुनीर पाकिस्तान के आर्मी चीफ से चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज बन गए और तीनों सेनाओं की कमान उनके हाथों में आ गई। मुनीर के ताकतवर होते ही अचानक इमरान गायब हो गए। इमरान खान ने अपनी बदहाली के लिए एक्स पर किए गए पोस्ट में मुनीर को ही जिम्मेदार ठहराया था। अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अ़डियाला जेल में बंद इमरान खान पिछले 24 दिनों से 'लापता' बताए जा रहे हैं। वह 4 नवंबर को अपनी बहन से आखिरी बार मिले थे। इसके बाद से उनके बारे में किसी को कोई खबर नहीं है। 

 

Image Source : APअडियाला जेल, रावलपिंडी, पाकिस्तान।

बेटे कासिम ने कहा-जिंदा होने का कोई सुबूत नहीं

इमरान के बेटे कासिम खान ने दावा किया कि उनके पिता 845 दिनों से जेल में हैं और पिछले छह हफ्तों से 'डेथ सेल' में एकांतवास में हैं, जहां कोई पारदर्शिता नहीं। उन्होंने कहा कि मेरे पिता के जिंदा होने के कोई सुबूत नहीं हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील में अपने पिता के जिंदा होने का प्रमाण मांगने का आग्रह किया। बता दें कि अफगान मीडिया में भी इमरान खान की हत्या की अफवाहें उड़ीं, लेकिन पाक सरकार और पीटीआई ने इसे खारिज करते कहा कि उनका 'स्वास्थ्य अच्छा है। अगर पाकिस्तान सरकार का ये दावा सच है तो फिर कोर्ट के आदेश के बावजूद इमरान को उनके परिजनों से मिलने से क्यों रोका जा रहा है?....मुनीर और शहबाज शरीफ की यही हरकतें इमरान की मौजूदगी को और भी अधिक रहस्यमयी बना रही हैं। 

 

क्या इमरान का होगा जुल्फिकार जैसा हाल

अब सवाल उठ रहा है कि क्या इमरान खान का हस्र बिल्कुल वैसा ही होने वाला है, जैसा कि 1979 में पूर्व पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो को गुपचुप तरीके से फांसी पर लटका दिया गया था। तब पाक आर्मी की कमान जिया-उल-हक के हाथों में थी। अब मुनीर के सीडीएफ बनने के बाद इमरान पर भी कुछ ऐसा ही खतरा मंडरा रहा है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान और असीम मुनीर के रिश्ते अच्छे नहीं रहे थे। इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते मुनीर को 8 महीने के लिए पाकिस्तान की खुफिया सेवा के नेतृत्व से बरखास्त भी कर दिया था। इसके बाद से मुनीर और इमरान में कभी नहीं पटी। शहबाज ने इमरान के दुश्मन मुनीर को सीडीएफ बना दिया। 

 

Image Source : APपाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो(बाएं) की भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ एक तस्वीर।

इमरान ने मुनीर के खिलाफ की थी कौन सी आखिरी पोस्ट

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने मुनीर के खिलाफ 5 नवंबर को आखिरी पोस्ट की थी। उनकी यह पोस्ट तब सामने आई थी, जब उसके एक ही दिन पहले खान की बहन नूरीन नियाजी ने 4 नवंबर को इमरान से मुलाकात की थी। इमरान ने अपनी पोस्ट में पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर को 'इतिहास का सबसे अत्याचारी तानाशाह' करार दिया था। साथ ही ये भी कहा था कि मुनीर लोकतंत्र का हत्यारा है। अब पाकिस्तान में कानून का नहीं, बल्कि मुनीर का शासन चलता है। अपनी इस आखिरी पोस्ट के बाद से इमरान खान अचानक से गायब हो गए। जेल में इमरान खान की मौजूदगी अब रहस्यमयी बन चुकी है। जेल के बाहर इमरान के परिजन और समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे हैं। 

 

जुल्फिकार भुट्टो के साथ क्या हुआ था। 

जुल्फिकार अली भुट्टो 1971 से 77 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इसके बाद सेना ने उन्हें सत्ता से हटा दिया, फिर विवादास्पद मुकदमे में गुपचुप तरीके से उनको फांसी दे दी गई। तत्कालीन आर्मी जनरलल जिया-उल-हक ने मार्शल लॉ लगाया, भुट्टो को 'कांस्पिरेसी' के केस में फंसाया। इसके बाद उन्हें रावलपिंडी की जेल में गुपचुप तरीके से फांसी पर लटकवा दिया। क्या इसी तरह अब मुनीर भी इमरान खान के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं? इमरान को एकांतवास में रखा गया है। उन पर दर्जनों मुकदमे लादे गए हैं।