EXPLAINER: बंगाल की फलता विधानसभा की इतनी चर्चा क्यों, यहां चुनाव रद्द होने की क्या हैं वजहें? इस सीट के सियासी समीकरण से समझिए
South 24 Parganas Falta Controversy: कभी लेफ्ट का गढ़ रहे दक्षिण 24 परगना की सीट फालता, चुनाव में गड़बड़ी और रिपोलिंग को लेकर चर्चा में है। जानें रिपोलिंग के उन कारणों और TMC लीडरशिप के फालता से खास लगाव के बारे में, जिन्होंने सियासी जंग को और तेज कर दिया है।

Falta Assembly Seat Repoll: पश्चिम बंगाल की फलता सीट पर गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग को पहले ही कई शिकायतें मिल चुकीं थीं, लेकिन बीते शनिवार को जिस तरह से वहां के वोटर सड़कों पर उतरे और टीएमसी के वर्कर्स की हकीकत कैमरे के सामने बयां की, तो साफ हो गया कि अब इस सीट पर बड़ा फैसला होने वाला है। हुआ भी वही, चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर वोटिंग के दौरान भारी गड़बड़ी को लेकर बड़ा निर्णय लिया और यहां 29 अप्रैल को हुई वोटिंग को रद्द करते हुए इस सीट पर री-पोलिंग का आदेश दे दिया।
आयोग ने फलता सीट के सभी 285 पोलिंग बूथ और सहायक पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा वोटिंग का आदेश दिया। यहां 21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक री-पोलिंग होगी और इस सीट के वोटों की गिनती 24 मई को होगी। यानी अब 4 मई को वोटों की जो गिनती होगी, वो 294 सीटों के बजाए 293 सीटों के ही मत गिने जाएंगे, जबकि फलता सीट के नतीजे 24 मई को आएंगे। इस आर्टिकल में फलता सीट पर पुनर्मतदान की वजहों और इसके सियासी रूप से अहम होने के बारे में समझिए।
चुनाव में गड़बड़ी के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग
दरअसल, चुनाव आयोग ने ये फैसला 29 अप्रैल को वोटिंग के दौरान हुई गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद किया है। बीते शनिवार को फलता के हाशिम नगर इलाके में स्थानीय लोगों का गुस्सा टीएमसी और उसके वर्कर्स के खिलाफ फूट पड़ा। चुनावों में गड़बड़ी के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए। घंटों तक लोग नारेबाजी करते रहे। फिर मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने की कोशिश करती रही लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
TMC के वर्कर्स पर वोट नहीं डालने देने का आरोप
फलता के लोगों का आरोप है कि TMC के वर्कर्स उन्हें खुलेआम धमका कर रहे हैं। उनके बच्चों को मारने की धमकी दे रहे हैं। महिलाओं-बेटियों से रेप करने की धमकी दे रहे हैं। लोगों के भारी विरोध के बाद इलाके में CRPF और RAF के जवानों समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फलता के लोगों का आरोप है कि टीएमसी के वर्कर्स ने 29 अप्रैल को उन्हें वोटिंग करने से रोका। फिर विरोध करने पर घरों पर हमला किया गया। इस दौरान, हिंदू वोटर्स को टारगेट किया गया। उनका घर जलाने की धमकी दी गई।
लोगों से मारपीट का भी TMC कार्यकर्ताओं पर आरोप
फलता में वोटर्स, TMC कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि वोटिंग के बाद TMC के कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की। जब वे इसका विरोध कर रहे थे तो पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
जहांगीर खान के साथियों ने दी धमकी
दरअसल, फलता में प्रदर्शन करने वाले लोगों में जो खौफ दिख रहा है, उसका नाम है जहांगीर खान। जहांगीर खान, फलता सीट से टीएमसी के उम्मीदवार हैं। माना जाता है कि ये सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का बेहद खास हैं। लोगों का आरोप है कि इसराफिल चकदार टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान का करीबी है और वो जहांगीर खान के इशारे पर लोगों को धमकाने और मारने का काम करता है।
अभिषेक बनर्जी का सियासी गढ़ है साउथ 24 परगना
गौरतलब है कि साउथ 24 परगना जिला टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी का सियासी गढ़ माना जाता है। फलता सीट पर 70 प्रतिशत हिंदू हैं और 30 फीसदी मुस्लिम आबादी है। जहांगीर खान पर 2021 में भी वोटरों को डराने धमकाने का आरोप लगा था। 2021 के चुनाव में फलता में डर से हिंदू वोट देने के लिए बाहर नहीं निकले थे। आरोप है कि जहांगीर और उसके गुर्गे सोर्स जैमिंग, बूथ जैमिंग, छप्पा वोटिंग कराते हैं।
EVM में BJP के बटन पर लगा दिया गया था टेप
लोगों का आरोप है कि 29 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग के दौरान, गांव के बाहर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घेरेबंदी कर रखी थी। हिंदू लोग जब वोट करने के लिए घरों से बाहर निकले तो उन्हें धमाका कर बीच रास्ते से वापस भेज दिया गया। फलता से बीजेपी के उम्मीदवार देबांशु पांडा ने दावा किया कि बूथ नंबर 177 पर EVM में बीजेपी के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप लगा दिया गया ताकि वोटर कमल का बटन ही ना दबा सकें, जिसके बाद बीजेपी ने चुनाव आयोग से फलता में रीपोलिंग की मांग की थी।
रीपोलिंग के फैसले पर भड़के अभिषेक बनर्जी
हालांकि, फलता में रीपोलिंग के ऐलान के बाद टीएमसी भड़क गई है। अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी दी है। अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि जिसमें हिम्मत हो फलता से चुनाव लड़कर दिखाए। आप अपनी पूरी ताकत लगा दीजिए। मैं पूरे भारत को चुनौती देता हूं- फालता आइए। अपने सबसे ताकतवर को यहां भेजिए, दिल्ली से किसी एक सरगना को भेजिए। अगर हिम्मत है तो फलता में चुनाव लड़कर दिखाएं।
सुंदरबन इलाके को 'ल्यारी' बनाने का दावा
अभिषेक बनर्जी का ये भड़काऊ पोस्ट तब सामने आया जब पश्चिम बंगाल बीजेपी ने एक्स पर एक पोस्ट करके आरोप लगाया कि जहांगीर ने फलता समेत पूरे सुंदरबन इलाके को एक तरह का 'ल्यारी' बना दिया है, जहां महिलाओं की तस्करी, अवैध अंग व्यापार, और बांग्लादेश से अवैध हथियारों और गोला-बारूद की आवाजाही जैसी गतिविधियां होती हैं। और यह सब जहांगीर खान के संरक्षण में होता है।
हालांकि, जहांगीर खान के साथ अभिषेक बनर्जी का नाम जुड़ा तो टीएमसी आग-बबूला हो गई लेकिन सबसे ज्यादा विरोध बीजेपी के ल्यारी वाले कमेंट का हुआ। टीएमसी ने इसे बंगाली अस्मिता के अपमान से जोड़ दिया।
रीपोलिंग में है निष्पक्ष मतदान की उम्मीद
जान लें कि फलता एक जमाने में लेफ्ट का गढ़ रहा है। इसका इतिहास चुनावी हिंसा का रहा है और जब टीएमसी आई तो उसने लेफ्ट के उसी रक्त चरित्र को अपना लिया। और अब जब बीजेपी, टीएमसी का चैलेंज बन कर सामने आ रही है तो इसके साथ भी टीएमसी वही प्रयोग कर रही है। हालांकि, चुनाव आयोग और सेंट्रल फोर्स की मौजूदगी में यहां रीपोलिंग होगी तो उम्मीद है कि लोग अपने मन मुताबिक मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।