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Hindi News Explainers Explainer: ईरान के खतरनाक हथियार से अब मचेगा कोहराम, क्या हैं Cluster Bombs, क्यों इन्हें माना जाता है War Crime

Explainer: ईरान के खतरनाक हथियार से अब मचेगा कोहराम, क्या हैं Cluster Bombs, क्यों इन्हें माना जाता है War Crime

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान ने इस युद्ध में अपने घातक हथियारों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जिसमें से एक है क्ल्सटर बम, जानें क्यों घातक है ये हथियार और क्यों इसे वॉर क्राइम कहा जाता है?

ईरान के खतरनाक हथियार- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO (TWITTER) ईरान के खतरनाक हथियार

ईरान ने मध्य इज़राइल पर मिसाइल हमलों की एक और लहर शुरू कर दी है। खबरों के अनुसार, क्लस्टर बमों से लैस बैलिस्टिक मिसाइलों ने होलोन और बात याम समेत कई शहरों को निशाना बनाया है। ये हमले मोजतबा खामेनेई के सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों बाद हुए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने खोर्रमशहर, फत्ताह और खेबार मिसाइलों से किए गए भीषण हमले की पुष्टि की है। जवाब में, इज़राइल रक्षा बलों ने ईरानी सैन्य और अर्धसैनिक ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें आईआरजीसी और बासिज से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं। इस बीच, युद्ध एक अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर गया है।

क्या होते हैं क्लस्टर बम

क्लस्टर बम ऐसे हथियार हैं जिन्हें पारंपरिक हथियारों से अलग विनाशकारी प्रभाव के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक बड़े विस्फोटक को ले जाने के बजाय, दर्जनों या सैकड़ों छोटे छोटे विस्फोटक ले जाते हैं। ये छोटे बम एक विस्तृत क्षेत्र में फैल जाते हैं, जिससे बड़ी तबाही मच सकती है, इससे नागरिकों की मौत बड़ी संख्या में हो सकती है और घटनास्थल पर बचाव एवं राहत कार्यों में जटिलता आती है। क्लस्टर बम कई रूपों में हो सकते हैं, जिनमें तोप के गोले, मिसाइलें या हवाई बम शामिल हैं, और इन्हें जमीन, समुद्र या हवा से लॉन्च किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की खोर्रमशहर, इमाद और ग़द्र मिसाइल श्रृंखला की कई मिसाइलों में क्लस्टर वॉरहेड लगे हुए हैं। 

Image Source : APईरान के खतरनाक हथियार

क्लस्टर बम कैसे काम करते हैं

क्लस्टर बम हवा में खुलकर दर्जनों छोटे छोटे बम बिखेरते हैं जो बड़े इलाके को निशाना बनाते हैं और बड़ी तबाही मचाते हैं। इजरायल के तेल अवीव जैसी घनी आबादी वाले इलाकों में इनका इस्तेमाल किया गया है। क्लस्टर बम को अंतरराष्ट्रीय कानून वॉर क्राइम मानता है क्योंकि ये छोटे बम जमीन पर गिरते ही बिखर जाते हैं और लंबे समय तक खतरा पैदा करते हैं। क्लस्टर बम आमतौर पर जमीन से कई किलोमीटर ऊपर बिखेरे जाते हैं। एक स्प्रिंग बड़ी संख्या में छोटे छोटे बमों को गुच्छे में छोड़ता है और उन्हें एक बड़े इलाके में बिखेर दिया जाता है, इसे छोड़ने के समय से पहले विस्फोट को रोकने वाले सुरक्षा उपकरण को हटाकर उन्हें सक्रिय भी कर देता है ताकि नुकसान ज्यादा हो। ऊंचाई अधिक होने के कारण मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए उन्हें रोक पाना बड़ी चुनौती है। कुछ मामलों में, बमों में पैराशूट या अन्य तंत्र लगे होते हैं जो उनके गिरने की गति को धीमा कर देते हैं यदि हवा बमों को लक्ष्य क्षेत्र से दूर ले जाती है तो प्रभावित क्षेत्र का विस्तार ज्यादा हो सकता है।

Image Source : APईरान के खतरनाक हथियार

क्लस्टर बम कई प्रकार के होते हैं जिन्हें विभिन्न उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किया जाता है। इसमें विस्फोटक सामग्री के अलावा धातु के छर्रे भी होते हैं। कई मामलों में, विस्फोट के दौरान धातु का आवरण स्वयं ही टूट जाता है, जिससे नुकीले छर्रे बनते हैं। कुछ बम जमीन पर गिरने से ठीक पहले विस्फोट करने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं ताकि धातु के टुकड़े एक व्यापक क्षेत्र में फैल सकें। 

कई तरह के होते हैं क्लस्टर बम

एक अन्य प्रकार का क्लस्टर बम ज्वलनशील पदार्थ से बना होता है जिसमें फास्फोरस का प्रयोग किया जाता है और इन्हें हमले वाले क्षेत्र में व्यापक आग लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कुछ क्लस्टर बम हवाई अड्डों को निष्क्रिय करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ये अधिकतम क्षति पहुंचाने के लिए विस्फोट से पहले रनवे की सतह को भेदते हैं। ऐसे क्लस्टर हथियार भी हैं जिनका उद्देश्य लंबी चालक तारों को बिखेरकर शॉर्ट सर्किट पैदा करके विद्युत ग्रिड को बाधित करना है। बिना फटे ये बम दीर्घकालिक खतरा पैदा करते हैं। कुछ बैलिस्टिक मिसाइलों में ऐसे वॉरहेड होते हैं जो कई विस्फोटक इकाइयों में विभाजित हो जाते हैं। ईरान इन्हीं क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहा है।

Image Source : APईरान के खतरनाक हथियार

क्लस्टर बमों को वॉर क्राइम क्यों माना जाता है?
क्लस्टर बमों के व्यापक फैलाव और बिना फटे बमों से उत्पन्न जोखिम इन्हें नागरिकों के लिए विशेष रूप से खतरनाक बनाते हैं। इन जोखिमों के कारण, क्लस्टर बमों का उपयोग व्यापक रूप से युद्ध अपराध माना जाता है। आज तक, 111 देशों ने ऐसे हथियारों के उपयोग, उत्पादन और व्यापार पर प्रतिबंध लगाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर हस्ताक्षर किए हैं। ईरान, इज़राइल और अमेरिका ने इनपर हस्ताक्षर नहीं किया है। इज़राइल पर कई बार क्लस्टर बमों का उपयोग करने का आरोप लगा है, विशेष रूप से लेबनान में। संधि पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में लेबनान, इराक और "फिलिस्तीन" शामिल हैं, जैसा कि सम्मेलन के दस्तावेजों में कहा गया है।

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