SIR के तहत किस राज्य में कटे कितने वोट? इसमें UP पहले नंबर पर, पढ़ें पूरी लिस्ट
Draft List SIR: यूपी और पश्चिम बंगाल समेत तमाम राज्यों में ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर दी गई है। जानें भारत के किस राज्य में वोटर लिस्ट से कितने मतदाताओं का नाम हटा दिया गया है।

नई दिल्ली: देश के अलग-अलग राज्यों में Special Intensive Revision के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। आंकड़े बताते हैं कि कई राज्यों में बड़ी संख्या में शिफ्टेड, मृतक और फर्जी वोटर्स को लिस्ट से बाहर किया गया है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा प्रभाव यूपी में देखने को मिला है। इस आर्टिकल में देखें कि आपके राज्य में कितने लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं।
लिस्ट में पहले नंबर पर यूपी
उत्तर प्रदेश का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। यहां ड्राफ्ट सूची में से 2.89 करोड़ वोटर्स को हटाया गया है। यूपी में पहले 15.44 करोड़ वोटर थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 12.55 करोड़ हो गई है। इसका मतलब साफ है कि हर 100 में से लगभग 19 वोटर को लिस्ट से हटा दिया गया है। इनमें 46.23 लाख मृतक, 25.47 लाख फर्जी या डुप्लीकेट और 2.17 करोड़ वोटर्स को शिफ्ट या लापता पाया गया।
तमिलनाडु में हर 100 में से 15 नाम गायब
इसके बाद नंबर तमिलनाडु का आता है। यहां 97 लाख मतदाताओं को लिस्ट से बाहर किया गया है। तमिलनाडु में वोट कटने का प्रतिशत 15.13 है। यहा हर 100 वोटर्स में से 15 का नाम काट दिया गया। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर गुजरात है, जहां 73.73 लाख नाम लिस्ट से हटाए गए हैं। यहां वोट कटने का प्रतिशत 14.52 रहा।
छत्तीसगढ़-बंगाल का आंकड़ा भी देखें
छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां लिस्ट से 27.34 लाख वोटर्स का सफाया किया गया है। यानी कुल मतदाताओं में से 12.9 प्रतिशत का नाम लिस्ट से हटा दिया गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल और राजस्थान का नाम है। जहां वोट कटने का प्रतिशत करीब-करीब बराबर ही है। पहले पश्चिम बंगाल के बारे में जानें तो यहां 58.20 लाख वोट लिस्ट से निकाल दिए गए। वहीं राजस्थान में 41.85 लाख मतदाता लिस्ट से बाहर किए गए हैं। दोनों राज्यों में एवरेज के तौर पर देखें तो हर 100 में से 8 वोटर्स का नाम ड्राफ्ट से बाहर किया गया।
| राज्य का नाम | हटाए गए मतदाताओं की संख्या |
| उत्तर प्रदेश | 2.89 करोड़ |
| तमिलनाडु | 97 लाख |
| गुजरात | 73.73 लाख |
| पश्चिम बंगाल | 58.20 लाख |
| मध्य प्रदेश | 42.74 लाख |
| राजस्थान | 41.85 लाख |
| छत्तीसगढ़ | 27.34 लाख |
| केरल | 24.08 लाख |
| गोवा | 11.85 लाख |
| पुडुचेरी | 1.03 लाख |
| अंडमान-निकोबार | 64 हजार |
| लक्षद्वीप | 1600 |
केरल-गोवा और पुडुचेरी में कटे 8-10 प्रतिशत वोट
वहीं, मध्य प्रदेश में 42.74 लाख वोटर्स के नाम कटे गए, जो कुल मतदाताओं का 7.44 प्रतिशत है। वहीं केरल, गोवा, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार में भी 8 से 10 प्रतिशत तक वोटर्स के नाम लिस्ट से काटे गए हैं। हालांकि, इसका सबसे कम प्रभाव लक्षद्वीप में दिखा, जहां केवल 2.79 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ही कटे। 58 हजार वोटर्स में से महज 1.6 हजार नाम बाहर किए गए, जो बाकी राज्यों के एवरेज के मुकाबले काफी कम है।
निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट बताती है कि भारत के तमाम हिस्सों में वोटर डेटा की साफ-सफाई हो गई है। मृतकों, फर्जी और शिफ्टेड वोटर्स को इसमें से हटा दिया गया है। आने वाले चुनावों में इसके सियासी मायने बड़े भी हो सकते हैं।
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