मुज्तबा के सुप्रीम लीडर बनने से ईरान में क्या होगा, कितनी संपत्ति के मालिक हैं अली खामेनेई के बेटे? जानिए सबकुछ
ईरान ने अपना सुप्रीम लीडर चुन लिया है। अली खामेनेई के बेटे मुज्तबा खामेनेई को सरकार की कमान सौंपी गई है। उनके पास प्रशासन से लेकर सेना तक व्यापक अनुभव है।
अमेरिका और इजरायल जहां ईरान पर भारी बमबारी कर रहे हैं वहीं ईरान भी अरब देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने से चूक नहीं रहा है। वहीं अमेरिका और इजरायल की ओर से धमकी मिलने के बाद भी ईरान ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुज्तबा खामेनेई को अपना सुप्रीम लीडर चुन लिया है। अब सवाल यह उठता है कि मुज्तबा के सत्ता संभालने से ईरान में क्या होगा? इसके साथ ही यह भी जानेंगे कि कुल कितनी संपत्ति के मालिक हैं अयातुल्ला खामेनेई के बेटे।
शासन और सेना का अनुभव
मुज्तबा खामेनेई के नए सुप्रीम लीडर बनने से तेहरान की सड़कों पर लोग जश्न मना रहे हैं। मुज्तबा के समर्थक उन्हें आयतुल्ला खामेनेई का असली उत्तराधिकारी बता रहे हैं जो अमेरिका से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। दरअसल, मुज्तबा खामेनेई, आयतुल्ला खामेनेई के चार बेटों में दूसरे नंबर पर हैं। वे अपने पिता की विरासत के सबसे बड़े दावेदार रहे हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशन के बाद मुज्तबा खामेनेई डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
ईरान-इराक जंग भी लड़ चुके हैं मुज्तबा
जब ईरान और इराक के बीच लंबी जंग चली थी उस वक्त मुज्तबा ईरानी सेना की हबीब बटालियन में शामिल थे। ईरान के फाइनेंशियल मैनेजमेंट में भी मुज्तबा का बड़ा रोल रहा है। साथ ही वे अंतराराष्ट्रीय मामलों में भी एक्टिव रहे हैं। शासन की बारिकियों को अच्छी तरह से समझने के साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC में भी उनकी अच्छी पकड़ है। वे आईआरजीसी की इंटरनेशनल विंग क़ुद्स फ़ोर्स के एक्शन में दखल रखते हैं। मुज्तबा ईरान की इंटेलिजेंस -इंटरनल सिक्योरिटी में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं। मुज्तबा खामेनेई के नाम का ऐलान होने के बाद तेहरान की ओर से इजरायल पर मिसाइलों की बौछार कर दी गई।
ट्रंप ने नकारा, पुतिन ने दी बधाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को नकार दिया है। ट्रंप पहले से ही कहते रहे हैं कि ईरान में नए नेता का चुनाव उनकी मर्जी के बगैर नहीं होगा। उधर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी खुली धमकी दी है कि आयतुल्ला खामेनेई के किसी भी उत्तराधिकारी को निशाना बनाया जाएगा। ईरान के लिए राहत की बात ये है कि रूस ने मुज्तबा का समर्थन कर दिया है। राष्ट्रपति पुतिन ने मुज्तबा को सुप्रीम लीडर बनने पर बधाई दी है।
अली खामेनेई से ज्यादा कट्टर और एग्रेसिव
मुज्तबा को उनके पिता आयतुल्ला अली खामेनेई से ज्यादा कट्टर और एग्रेसिव माना जाता है। तेहरान में इस्लामिक शासन के खिलाफ भारी प्रोटेस्ट को भी कुचलने में मुज्तबा की अहम भूमिका रही है। ऐसे में मुज्तबा को सुप्रीम लीडर बनाए जाने से अमेरिका और इजरायल की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इजरायली हमले में अपने मां-बाप की मौत का बदला लेने के लिए मुज्तबा किसी भी हद तक जा सकते हैं।
मुज्तबा के कमान संभालने के बाद क्या होगा?
अब बड़ा सवाल है कि मुज्तबा खामेनेई के नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद ईरान में क्या हो सकता है? दरअसल, मुज्तबा खामेनेई का सेना पर कंट्रोल रहा है, लिहाजा मुज्तबा के हाथों ईरान की कमान आने से IRGC पहले से ज्यादा मजबूत होगी। ईरानी सेना और हिज्बुल्लाह और हूती जैसे प्रॉक्सीज का मनोबल बढ़ेगा। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान धीमी लेकिन लंबी जंग लड़ सकता है। ईरान दुनिया का सबसे बड़ा शिया मुल्क है ऐसे में ग्लोबल शिया एकजुटता बढ़ेगी। मुज्तबा के पास सुप्रीम कमान आने से इजरायल और अमेरिका पर हमले बढ़ेंगे।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं मुज्तबा?
अगर संपत्ति की बात की जाए तो मुज्तबा खामेनेई के पास ईरान के बाहर भी अकूत संपत्ति है। उनके पास लंदन के केन्सिंग्टन में दो लग्जरी अपार्टमेंट्स हैं जो छठी और सातवीं फ्लोर पर है। ये अपार्टमेंट इजरायली एंबेसी से महज 50 मीटर दूर हैं। इनकी कीमत 50 मिलियन पाउंड से ज्यादा है, यानी 614 करोड़ रुपए। ये पैलेस ग्रीन नाम की प्राइवेट रोड पर हैं जहां पुलिस और सिक्योरिटी का 24 घंटे पहरा रहता है। इसके साथ ही मोज्तबा की लंदन में करीब 12 सौ करोड़ के कई मकान हैं। इन संपत्तियों को यूके सरकार ने फ्रीज कर दिया है। क्योंकि नए सुप्रीम लीडर पर IRGC को फाइनेंस करने के आरोप लगते रहे हैं।
