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Hindi News Explainers Explainer: कब-कब कांग्रेस की नजरों में खटके शशि थरूर, अपने बयानों से पार्टी को किया असहज?

Explainer: कब-कब कांग्रेस की नजरों में खटके शशि थरूर, अपने बयानों से पार्टी को किया असहज?

पिछले कुछ समय से शशि थरूर पार्टी लाइन से हटकर बयान देते नजर आ रहे हैं, जिसकी वजह से कांग्रेस में उनके प्रति दरार बढ़ती जा रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि थरूर कांग्रेस की नजरों में कब-कब खटके हैं?

शशि थरूर- India TV Hindi शशि थरूर

कांग्रेस में पिछले कुछ समय से शशि थरूर को लेकर नाराजगी चल रही है। दरअसल, बीते कुछ समय से थरूर पार्टी लाइन से हटकर बयान देते नजर आ रहे हैं, जिसकी वजह से कांग्रेस में उनके प्रति दरार बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ महीनों में शशि थरूर के राष्ट्रीय सुरक्षा पर दिए गए बयान केंद्र सरकार के समर्थन में रहे, जो कांग्रेस को बिल्कुल नागवार लगा। राष्ट्रीय सुरक्षा पर पार्टी लाइन से अलग थरूर के इन बयानों को कांग्रेस के कई नेता पार्टी के प्रति वफादारी की कमी मानते हैं। थरूर को लेकर कांग्रेस में जारी यह अंतर्विरोध तब और खुलकर सामने आ गया, जब केरल कांग्रेस के दिग्गज नेता के. मुरलीधरन ने उन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब तक वह राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपना रुख नहीं बदलते, तब तक उन्हें तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा। 

हाल ही में तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने इमरजेंसी पर भी सवाल उठाए थे और संजय गांधी द्वारा चलाए गए जबरन नसबंदी अभियान को क्रूरता का उदाहरण बताया था। ऐसे में आइए जानते हैं कि शशि थरूर कांग्रेस की नजरों में कब-कब खटके हैं और पार्टी के लिए असहज स्थितियां पैदा की?

इमरजेंसी पर उठाए सवाल 

थरूर ने हाल ही में इमरजेंसी पर एक लेख लिखा, जिसमें उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बेटे संजय गांधी की आलोचना की। उन्होंने आपातकाल को 'अंधेरा अध्याय' बताया और जबरन नसबंदी जैसे अत्याचारों का जिक्र किया।

'राष्ट्र पहले' का वाला बयान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर केंद्र सरकार और सशस्त्र बलों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र पहले आता है और राजनीतिक दल देश को बेहतर बनाने का साधन हैं।

कई मौकों पर पीएम मोदी की तारीफ

ऐसे कई मौकों पर शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। थरूर ने पीएम मोदी की ऊर्जा और गतिशीलता की प्रशंसा की है, खासकर राजनयिक मामलों में। 2014 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "स्वच्छ भारत अभियान" की तारीफ की। उन्होंने मोदी के कुछ प्रयासों को सकारात्मक बताया, जिसने कांग्रेस के भीतर नाराजगी देखी गई।

Image Source : PTIकांग्रेस सांसद शशि थरूर

कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना

2022 में शशि थरूर ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। थरूर का चुनाव लड़ना गांधी परिवार के वर्चस्व और पार्टी के स्थापित नेतृत्व के लिए एक सीधी चुनौती मानी गई। मल्लिकार्जुन खरगे को पार्टी आलाकमान का "आधिकारिक" उम्मीदवार माना जा रहा था, ऐसे में उनके खिलाफ चुनाव लड़ने से यह संदेश गया कि थरूर पार्टी की पारंपरिक संरचना को चुनौती दे रहे हैं।

CM बनने संबंधी सर्वे शेयर करना 

जुलाई 2025 में शशि थरूर ने एक सर्वे साझा किया था, जिसमें उन्हें केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सबसे पसंदीदा उम्मीदवार बताया गया था। इसे लेकर पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की थी।

2019: उल्टा तिरंगा विवाद

अक्टूबर 2019 में, शशि थरूर ने अपने कार्यालय से एक तस्वीर शेयर की, जिसमें उनके डेस्क पर राष्ट्रीय ध्वज उल्टा नजर आया। यह तस्वीर तुरंत वायरल हो गई और इसे लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई। 

2017: सोशल मीडिया विवाद

नवंबर 2017 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली मानुषी छिल्लर के नाम को लेकर शशि थरूर ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने "चिल्लर" शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा, "हमारी मुद्रा का विमुद्रीकरण करना कितनी बड़ी गलती थी! भाजपा को यह एहसास होना चाहिए था कि हमारे 'चिल्लर' भी मिस वर्ल्ड बन जाते हैं।"