Explainer: दो महाशक्तियों का 100 मिनट का 'महामिलन', कैसे जिनपिंग के करीब आए ट्रंप और क्या क्या हुई डील?
करीब छह साल बाद दुनिया की दो आर्थिक महाशक्तियां एक साथ मिलीं, एक अमेरिका और दूसरा चीन। डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात तो मात्र 100 मिनट की थी, लेकिन इस मुलाकात पर सबकी निगाहें टिकी थीं। जानें क्या क्या डील हुई?

Explainer: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग छह साल बाद मिले और दोनों महाशक्तियों की मुलाकात काफी अहम रही। इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं। दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देशों के दोनों नेता इससे पहले आखिरी बार 2019 में मिले थे। गुरुवार को उनकी मुलाकात दक्षिण कोरिया के बुसान एयरपोर्ट हुई और दोनों की बैठक 100 मिनट ही चली। बैठक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि आज ही चीन के साथ ट्रेड डील साइन हो सकती है। बैठक के दौरान भी ट्रम्प ने कहा कि उनकी मुलाकात बहुत कामयाब होगी, इसमें उन्हें कोई शक नहीं है।
ट्रंप ने घटाया टैरिफ
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति गुरुवार को बड़ी घोषणा की और कहा कि चीन से आने वाले सामान पर लगने वाला कुल औसत टैरिफ 57% से घटाकर 47% कर दिया गया है। बता दें कि अमेरिका ने अब तक चीन पर कई बार टैरिफ लगाए हैं और डोनाल्ड ट्रंप ने नाराज होकर टैरिफ की घोषणा की, जिसमें ट्रम्प के पिछले कार्यकाल में स्टील पर लगा 19% टैरिफ, अप्रैल 2025 में 10% बेसलाइन टैरिफ, फेंटेनाइल की वजह से लगा 20% टैरिफ और अन्य टैरिफ भी शामिल थे। इस तरह से चीन पर अमेरिका ने औसतन 55% टैरिफ लगा रखा था, जो अगस्त 2025 में बढ़कर औसतन 57% तक पहुंच गया था। हालांकि अब दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद चीन पर औसतन 47% टैरिफ ही लगेगा।
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फेंटेलाइन को लेकर कही बड़ी बात
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत के बाद ट्रम्प ने कहा कि चीन पर लगाए गए फेंटानाइल से जुड़े टैरिफ को 20% से घटाकर 10% किया जा रहा है। ट्रंप ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, फेंटानिल की वजह से मैंने चीन पर 20% का टैरिफ लगाया था। यह बहुत बड़ा टैरिफ था और अब मैंने इसे 10% कर दिया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू होगा और मुझे विश्वास है कि शी जिनपिंग अमेरिका में फेंटानिल की वजह से हो रही मौतों को रोकने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। ट्रंप की टैरिफ कम करने के बदले में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अब अमेरिका से बड़ी मात्रा में सोयाबीन खरीदने पर तैयार हुए हैं।
क्या क्या हुई डील...
- अमेरिका ने चीन पर 10% टैरिफ कम किया।
- चीन, अमेरिका से सोयाबीन खरीदने पर राजी।
- अमेरिका-चीन में ट्रेड डील पूरी, दस्तखत बाकी।
- ट्रम्प ने कहा-हमारा विवाद सुलझ गया।
- टिकटॉक डील को लेकर बातचीत का जिक्र नहीं।
- दोनों नेताओं ने कहा, मिलकर युद्ध खत्म करने की कोशिश करेंगे।
बैठक की 10 बड़ी बातें
- ट्रम्प ने खुलासा किया कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से व्यापक व्यापार वार्ता के तहत चीन से फेंटेनाइल से जुड़े आयातों पर शुल्क में 10% की कटौती की जाएगी।
- वार्ता के बाद बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि "कई निर्णय लिए गए" और दोनों पक्षों ने व्यापार और सहयोग पर महत्वपूर्ण समझौते किए।
- दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि राष्ट्रपति शी "फेंटेनाइल को रोकने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे" और "बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों" पर जल्द ही और निष्कर्ष साझा किए जाएंगे।
- ट्रंप ने कहा कि एक वर्षीय दुर्लभ मृदा समझौता, जिस पर हर साल फिर से बातचीत की जाएगी।
- इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा निर्माण के लिए आवश्यक सामग्रियों तक वैश्विक पहुंच को स्थिर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- "सभी दुर्लभ मृदा तत्वों का निपटान हो चुका है, और यह पूरी दुनिया के लिए है।"
- ट्रम्प ने कहा कि चीन सोयाबीन सहित अमेरिकी कृषि उत्पादों को खरीदने और अवैध फेंटेनाइल व्यापार पर अंकुश लगाने के प्रयासों को तेज़ करने पर सहमत हो गया है।
- दोनों पक्षों ने सेमीकंडक्टर सहयोग पर भी चर्चा की, और चीन द्वारा एनवीडिया के साथ बातचीत करने की उम्मीद है।
- अमेरिका और चीन के बीच एक साल के व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की पुष्टि करते हुए, ट्रंप ने कहा कि इसे बाद में बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया, "हमने ब्लैकवेल चिप्स के बारे में बात नहीं की है।"
- ताइवान के मुद्दे पर बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग के साथ उनकी बैठक में इस पर चर्चा नहीं हुई। ताइवान का मुद्दा कभी उठा ही नहीं। दरअसल, इस पर कोई चर्चा नहीं हुई।"
शी जिनपिंग बहुत सख्त वार्ताकार हैं
ट्रंप ने शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद कहा, शी जिनपिंग तो बहुत सख्त वार्ताकार हैं, ये अच्छी बात नहीं है। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं। हमने महत्वपूर्ण दुर्लभ मृदा खनिजों की आपूर्ति पर एक साल के समझौते पर सहमति जताई है। सभी दुर्लभ मृदा खनिजों का मामला सुलझ गया है, और यह पूरी दुनिया के लिए है। यह समझौता एक साल के लिए है और इस पर हर साल फिर से बातचीत की जाएगी। दोनों नेताओं ने छह साल बाद, चल रहे व्यापार तनाव के बीच, आमने-सामने मुलाकात की।
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अप्रैल में चीन जाएंगे ट्रंप
ट्रंप ने ये भी कहा कि, मैं अप्रैल में चीन जाऊंगा और उसके बाद वह कभी भी यहां आएंगे, चाहे वह फ्लोरिडा हो, पाम बीच हो या वाशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि "हमने कई मुद्दों को अंतिम रूप दे दिया है" और ट्रंप ने इसके साथ ही शी की एक बहुत शक्तिशाली देश के अद्भुत नेता के रूप में प्रशंसा की।
बता दें कि सितंबर में ट्रंप और शी के बीच हुई टेलीफोन कॉल के बाद से अमेरिका और चीन के बीच वाकयुद्ध छिड़ा हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर दोनों के बीच होने वाली संभावित बैठक से कुछ हफ़्ते पहले तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। बीजिंग ने इस महीने इन सामग्रियों और संबंधित तकनीक पर व्यापक निर्यात नियंत्रण लागू कर दिया। ट्रम्प ने तुरंत सभी चीनी वस्तुओं पर 100 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा कर दी, जो मूल रूप से शनिवार से लागू होने वाला था। इस कदम से एक और व्यापार युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को चीन के साथ महत्वपूर्ण दुर्लभ मृदा खनिजों की आपूर्ति पर एक साल के विस्तार योग्य समझौते की घोषणा की और कहा कि वह अगले साल अप्रैल में बीजिंग की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के बुसान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई "अद्भुत" बैठक को भी इसी तरह की एक बैठक बताया।