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Fact Check: अमरोहा में एक ही समुदाय के बीच हुई मारपीट, सोशल मीडिया पर किया जा रहा गलत दावा

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि मुस्लिम परिवार पर दंबगों ने हमला किया है। हालांकि फैक्ट चेक में यह दावा फर्जी साबित हुआ।

फैक्ट चेक।- India TV Hindi
Image Source : SCREENSHOT फैक्ट चेक।

Originally Fact Checked by PTI: सोशल मीडिया पर 13 सेकंड का एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक घर में घुसकर परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह घटना अमरोहा जिले की है, जहां एक मुस्लिम परिवार के घर में घुसकर दबंगों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की। हालांकि फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो अमरोहा के बागड़पुर कला गांव का है, जहां आपसी विवाद के चलते एक परिवार ने दूसरे परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि विवाद में शामिल दोनों ही परिवार मुस्लिम हैं।

क्या है दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूजर ‘नेशन मुस्लिम’ ने वायरल दावे को शेयर करते हुए लिखा, “UP का कहर देखिए गिरफ्तारी तक पोस्ट रुकना नहीं चाहिए एक मुस्लिम परिवार को घर में घुसकर बुरी तरह दबंगों द्वारा बेरहमी से पीटा जा रहा है!! वायरल वीडियो अमरोहा के देहात थाना क्षेत्र के बागड़पुर कला का मामला बताया जा रहा है!!” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक यहां देखें।

Image Source : Screenshotसोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट।

वहीं, एक अन्य यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए अंग्रेजी में लिखा, “THIS IS NEW HINDU TERRORIST INDIA UNDER MODI WHERE HINDU TERRORISTS CAN ENTER THE HOUSES OF ANY MUSLIM FAMILY AND BEAT THEM UP WITH IMPUNITY.” जिसका हिंदी अनुवाद, "यह मोदी के नेतृत्व वाला नया हिंदू आतंकवादी भारत है, जहां हिंदू आतंकवादी किसी भी मुस्लिम परिवार के घर में घुसकर बेखौफ होकर उन्हें पीट सकते हैं।" पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक यहां देखें।

Image Source : screenshotसोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट।

फैक्ट चेक

वायरल दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने सबसे पहले वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान हमें दैनिक भास्कर की न्यूज वेबसाइट पर 25 फरवरी 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। यहां वायरल वीडियो का विजुअल मौजूद था। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, “अमरोहा के देहात थाना क्षेत्र के बागड़पुर कला गांव में एक परिवार पर कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बेरहमी से पीटा, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।” रिपोर्ट का लिंक यहां देखें।

Image Source : Screenshotदैनिक भाष्कर में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट।

पड़ताल की अगली कड़ी में हमें 26 फरवरी 2025 को हिंदुस्तान की वेबसाइट पर एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, “अमरोहा के बागड़पुर कलां गांव में शमशुद्दीन अली का परिवार रहता है, जो गांव पैगंबरपुर में अपनी दुकान चलाते हैं। सोमवार सुबह शमशुद्दीन अपनी दुकान पर गए थे, जबकि घर पर उनकी पत्नी नगमा, बेटी सारिक और बेटा फाजिल मलिक मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि गांव के ही अकबर अली के बच्चों के साथ शमशुद्दीन के बच्चों का किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, जिसे ग्रामीणों ने मौके पर ही शांत करा दिया। लेकिन बाद में, आरोप है कि अकबर अली अपनी पत्नी कुलसूम, बेटी निशा और बेटे शाहरूख खान के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर शमशुद्दीन के घर में घुस आए। उन्होंने नगमा, सारिक और फाजिल पर हमला कर दिया और लाठियों से बेरहमी से पीटा।”

गांव के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपी लगातार लाठियां बरसाते रहे। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।” रिपोर्ट का लिंक यहां देखें।

Image Source : Screenshotहिंदुस्तान में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट।

जांच में यह दावा भ्रामक साबित हुआ। अमरोहा में मुस्लिम परिवार पर हुए हमले को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर गलत जानकारी फैलाई जा रही थी। जबकि, वास्तविकता यह है कि घटना में शामिल दोनों पक्ष एक ही समुदाय के हैं और यह आपसी विवाद का नतीजा था।

दावा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा में मुस्लिम परिवार को दबंगों ने घर में घुसकर पीटा।

फैक्ट चेक: पड़ताल में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ।

निष्कर्ष: जांच में यह दावा भ्रामक साबित हुआ। अमरोहा में मुस्लिम परिवार पर हुए हमले को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर गलत जानकारी फैलाई जा रही थी। जबकि, वास्तविकता यह है कि घटना में शामिल दोनों पक्ष एक ही समुदाय के हैं और यह आपसी विवाद का नतीजा था।

(Disclaimer: यह फैक्ट चेक मूल रूप से PTI द्वारा किया गया है, जिसे Shakti Collective की मदद से India TV ने पुन: प्रकाशित किया है।)