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Fact Check: नए लेबर कोड को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल, जान लें दावे की सच्चाई

नए लेबर कोड को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि नए लेबर कोड के तहत फैक्ट्री श्रमिकों के लिए विश्राम काल और स्प्रेडओवर, फैक्ट्री मालिक तय करेंगे।

फैक्ट चेक- India TV Hindi
Image Source : X @PIBFACTCHECK फैक्ट चेक

Fact Check: हर रोज सोशल माीडिया पर कोई न कोई फोटो या वीडियो वायरल होती ही रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इनमें फोटो, वीडियो और टेक्स्ट मैसेज भी होते हैं। ऐसे ही सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म में गलत दावों के साथ मैसेज भेजे जाते हैं। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर एक फेक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया किया जा रहा है कि नए लेबर कोड के तहत फैक्ट्री श्रमिकों के लिए विश्राम काल और स्प्रेडओवर फैक्ट्री मालिक निर्धारित करेंगे। जब इस दावे की जांच की गई तो सच कुछ और ही निकला।

क्या हो रहा वायरल?

सोशल मीडिया पर सीआईटीयू ( CITU) दिल्ली द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दावा किया जा रहा है कि नए लेबर कोड के तहत फैक्ट्री श्रमिकों के लिए विश्राम काल और स्प्रेडओवर फैक्ट्री मालिक निर्धारित करेंगे। फैक्ट्री मालिक मजदूरों को 12 घंटे रहने को मजबूर करेंगे, किंतु केवल 8 घंटे का ही वेतन देंगे।

कैसे पता लगी सच्चाई?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में किए गए दावे को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह पूरी तरह से फर्जी निकला। NewLabourCode के अनुसार फैक्ट्री श्रमिकों के लिए विश्राम काल और स्प्रेडओवर निर्धारित करने का अधिकार संबंधित शासन के पास है, फैक्ट्री मालिक के पास यह अधिकार नहीं है। NewLabourCode के तहत ओवरटाइम करने पर श्रमिकों को दुगुना पैसा देना होगा। ओवरटाइम के लिए श्रमिक की सहमति अनिवार्य है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। इसके अलावा जनसामान्य के मध्य दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे ऐसे मैसेजेस को कतई शेयर न करें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई जरूर कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।