सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म में गलत दावों के साथ पोस्ट वायरल होती हैं। ये पोस्ट एक खास एजेंडे के तहत गलत दावों के साथ शेयर की जाती हैं। ऐसी ही भ्रामक पोस्ट और खबरों का पता लगाने के लिएफैक्ट चेक टीम काम करती है। वायरल हो रहे पोस्ट के सत्यता की जांच करती है।
क्या हो रहा वायरल?
कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार कृषि उद्देश्यों के लिए पानी के उपयोग पर टैक्स लगाने की योजना बना रही है। कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भाजपा सरकार ने पुष्टि की है कि किसानों पर उनके द्वारा खपत किए जाने वाले पानी की मात्रा के आधार पर टैक्स लगाया जाएगा।' साथ ही कांग्रेस ने एक्स पर कहा कि केंद्र सरकार भूजल संरक्षण की आड़ में किसानों द्वारा उपयोग की जाने वाली प्रत्येक बूंद पर टैक्स लगाने के लिए 22 पायलट परियोजनाएं शुरू कर रही है।
Image Source : X/INCIndiaकांग्रेस की पोस्ट
पूरी तरह फर्जी पाया गाया दावा
कांग्रेस के इसी दावे का फैक्ट चेक किया गया है। भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी के फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया है कि खेती के लिए पानी का उपयोग राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है।
जल शक्ति मंत्रालय ने रिपोर्ट का किया खंडन
इसको लेकर जल शक्ति मंत्रालय ने 27 जून को प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की है। इसमें जल शक्ति मंत्रालय ने एमसीएडी योजना के तहत किसानों के लिए जल शुल्क के संबंध में गलत मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है।
आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना लक्ष्य
इसमें कहा गया कि जल शक्ति मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि मीडिया के कुछ वर्गों ने गलत और भ्रामक रूप से रिपोर्ट की है कि किसानों को अब भारत सरकार द्वारा संचालित एक नई योजना के तहत पानी के उपयोग के लिए शुल्क का भुगतान करना होगा। मंत्रालय स्पष्ट रूप से स्पष्ट करना चाहता है कि विचाराधीन पायलट परियोजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत कमांड एरिया डेवलपमेंट और जल प्रबंधन (M-CADWM) योजना के आधुनिकीकरण से संबंधित है। इस पहल का उद्देश्य सिंचाई दक्षता को बढ़ाना, पानी का समान वितरण सुनिश्चित करना और प्रभावी जल प्रबंधन और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दबावयुक्त पाइपलाइन नेटवर्क, IoT डिवाइस और SCADA सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना है।
Image Source : PIBजल शक्ति मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति
उपयोगकर्ताओं पर शुल्क लगाने का कोई प्रावधान नहीं
इस पायलट परियोजना के तहत किसानों पर पानी के उपयोग के लिए अनिवार्य रूप से उपयोगकर्ताओं पर शुल्क लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। न ही भारत सरकार की ओर से कोई निर्देश है। हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सदस्यों द्वारा इस बिंदु को कई बार उठाया गया और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने भी इस मामले स्पष्ट कर दिया है।