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Fact Check: दिल्ली में वायु प्रदूषण जरूर, लेकिन इस कदर भी नहीं, झूठे दावे के साथ शेयर हो रहीं बीजिंग की पुरानी तस्वीरें

बीजिंग में प्रदूषण की पुरानी तस्वीरों को झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। वायरल तस्वीरें दिल्ली की नहीं हैं। हालांकि, दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण जरूर है, लेकिन तस्वीरें गलत दावे के साथ शेयर की जा रही हैं।

Fact Check- India TV Hindi
Image Source : VIRALPOSTSCREENSHOT फैक्ट चेक

सोशल मीडिया पर धुंध की चार फोटो वायरल हो रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें नोएडा और फरीदाबाद की हैं। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि तस्वीरें दिल्ली एनसीआर के वायु प्रदूषण को दर्शाती हैं। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने दावा किया है कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उसके कुछ दोस्तों ने ये तस्वीरें भेजी हैं। यह भी कहा जा रहा है कि अधिकारी वायु प्रदूषण को कम दिखाने के लिए एक्यूआई के आंकड़ों में गड़बड़ी कर रहे हैं।

जांच में सामने आया है कि वायरल फोटो 2013 से 2021 के बीच प्रकाशित उन समाचार रिपोर्टों से जुड़ी हैं जिनमें बीजिंग, चीन में भीषण धुंध का जिक्र था। इनमें से किसी भी तस्वीर में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति नहीं दिखाई गई है। इन पुरानी तस्वीरों को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है।

Image Source : ViralPostScreenshotप्रदूषण की वायरल फोटो

क्या है वायरल पोस्ट?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने चार नवंबर को एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें चार फोटो के साथ दावा किया गया था कि ये दिल्ली-एनसीआर के नोएडा और फरीदाबाद में वायु प्रदूषण को दर्शाती हैं। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, "एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण दिन-ब-दिन बदतर होता जा रहा है। नोएडा और फरीदाबाद के मेरे दोस्तों ने आज मुझे अपने घरों और ऑफिस से ये तस्वीरें भेजीं। वायु प्रदूषण देखिए, सरकार एक्यूआई के आंकड़ों में हेराफेरी कर रही है।" इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर 280 हजार बार देखा गया।

Image Source : ViralPostScreenshotवायु प्रदूषण की वायरल फोटो

पड़ताल

रिवर्स इमेज सर्च करने पर 15 सितंबर, 2015 को प्रकाशित गार्जियन की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट में दिखाई गई तस्वीर ही थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2014 में बीजिंग की इमारतें घने धुएं से ढकी हुई थीं। नगरपालिका सरकार ने पीली धुंध की चेतावनी जारी की थी और वायु गुणवत्ता का स्तर सबसे प्रदूषित स्तर पर पहुंच गया था। इस दौरान 24 जनवरी, 2014 को प्रकाशित नेशनल ज्योग्राफिक की एक रिपोर्ट भी मिली, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट में दिखाई गई तस्वीर थी। इसमें भी चीन को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक बताया गया था। किसी भी खबर में दिल्ली एनसीआर का कोई जिक्र नहीं था। 

फैक्ट चेक में क्या मिला?

फैक्ट चेक में यह वायरल दावा फर्जी पाया गया। जांच में साफ हुआ कि 2013 से 2021 के बीच चीन का प्रदूषण दिखाने वाली तस्वीरों को दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा प्रदूषण से जोड़कर गलत दावे के साथ शेयर किया गया। सभी वायरल फोटो चीन की पुरानी फोटो हैं, जिन्हें गलत तरीके से भारतीय शहरों का बताया जा रहा है। (इनपुट- पीटीआई)

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