सोशल मीडिया पर कई तरह के फोटो और वीडियो वायरल होती हैं। इनमें से अधिकतर फोटो और वीडियो गलत दावों के साथ शेयर किए जाते हैं। ऐसे ही भ्रामक वीडियो और फोटो की सत्यता की जांच की जाती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो इलाहाबाद (प्रयागराज) का बताया गया है।
वीडियो में रो रही महिला
वायरल वीडियो में रोती हुई कुछ महिलाएं एक पत्रकार से बात करती हुई नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के बीच इस वीडियो को शेयर कर दावा किया गया है कि कुछ लड़कों ने एक लड़की के साथ सामुहिक दुष्कर्म किया है। पुलिस मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है।
क्या हो रहा वायरल?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अशोक दनोडा (ashokdanoda) नाम के यूजर ने 14 फरवरी को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'रोज 7-8 लड़के आते हैं और हमारे घरों के बाहर खड़े रहते हैं, वे एक लड़की को उठाते हैं और उसके साथ सामूहिक बलात्कार करते हैं। पुलिस अधिकारी ठाकुर है, वह FIR दर्ज करने से इंकार कर देता है क्योंकि आरोपी उसी समुदाय से हैं। यह घटना फिल्म नहीं बल्कि राम राज्य यूपी के इलाहाबाद की है।'
Image Source : X/ashokdanodaगलत दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो
15 जनवरी, 2020 की है घटना
गूगल लेंस की मदद से वायरल वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को रिवर्स इमेज सर्च करने पर, डेस्क को ‘Vansh’ नाम के यूजर के अकाउंट पर यह वीडियो मिला। यूजर ने 15 जनवरी 2020 को इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया था। इससे एक बात तो साफ हो जाती है कि यह मामला अभी का नहीं बल्कि पुराना है।
Image Source : X/iamvanshsसाल 2020 की है घटना
पुलिस इस मामले में ले चुकी है एक्शन
आगे की जांच में डेस्क को डीसीपी यमुना नगर प्रयागराज के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर स्पष्टीकरण मिला। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक यूजर की पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए वीडियो को पुराना बताया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, 'उक्त प्रकरण 05 साल पुराना है। जिसमें थाना मेजा में अभियोग पंजीकृत है। घटना से संबंधित समस्त अभियुक्तगणों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कृपया पुरानी घटना को नए रिफ्रेंस में न चलाए।'
Image Source : X/DCPYNagarPrjपुलिस ने दिया स्पष्टीकरण
भ्रामक निकला दावा
जांच से साफ हो गया कि वायरल वीडियो हाल की घटना का नहीं बल्कि 5 साल पुराना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई घटना के 5 साल पुराने वीडियो को अब का बताकर भ्रम फैला रहे हैं।