बिना दवा के फैटी लिवर को नेचुरली कैसे ठीक करें?

फैटी लिवर की बीमारी, खासकर नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिज़ीज़ तब होती है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि शरीर ऊर्जा (फैट और शुगर) को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। आज के समय में गलत खानपान, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ता वजन इस समस्या के मुख्य कारण बनते जा रहे हैं। फैटी लिवर को अगर समय रहते पहचाना जाए तो काफी हद तक रिवर्स किया जा सकता है। चलिए जानते हैं बिना दवा के फैटी लिवर को नेचुरली कैसे कंट्रोल करें?
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फैटी लिवर की बीमारी, खासकर नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिज़ीज़ तब होती है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि शरीर ऊर्जा (फैट और शुगर) को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। आज के समय में गलत खानपान, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ता वजन इस समस्या के मुख्य कारण बनते जा रहे हैं। फैटी लिवर को अगर समय रहते पहचाना जाए तो काफी हद तक रिवर्स किया जा सकता है। चलिए जानते हैं बिना दवा के फैटी लिवर को नेचुरली कैसे कंट्रोल करें?
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खानपान पर ध्यान दें: फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए सबसे जरूरी है जीवनशैली में बदलाव। सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान देना चाहिए। तला-भुना, जंक फूड, ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। इसके बजाय हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार लेना चाहिए।
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नियमित व्यायाम : फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए नियमित व्यायाम भी उतना ही महत्वपूर्ण है। रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करने से शरीर की फैट बर्न करने की क्षमता बढ़ती है और लिवर पर जमा अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
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वजन को कंट्रोल: वजन को कंट्रोल में रखना भी इस बीमारी को ठीक करने का अहम हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर शरीर के कुल वजन का 5–10% तक भी कम किया जाए, तो लिवर की स्थिति में काफी सुधार देखा जा सकता है।
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पर्याप्त नींद ले: इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना, तनाव को कम करना और पानी भरपूर मात्रा में पीना भी लिवर हेल्थ के लिए जरूरी है। शराब से पूरी तरह दूरी बनाना चाहिए, क्योंकि यह लिवर को और नुकसान पहुंचा सकती है।