देश की विविधता दिखाती झाकियां, पाकिस्तान को धूल चटाने वाले हथियार और जवानों का जज्बा, तस्वीरों में देखें गणतंत्र दिवस का जश्न
Published : Jan 26, 2026 06:38 pm IST, Updated : Jan 26, 2026 06:38 pm IST
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Image Source : X/PMModiभारत में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड हुई, जिसमें नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन और शक्तिबाण रेजिमेंट, सटीक मारक क्षमताओं से लैस रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’ और स्वदेशी युद्धक सामग्री सहित कई प्रमुख सैन्य साजो-सामान पहली बार प्रदर्शित किए गए। पहली बार दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंट और ज़ांस्कर टट्टू भी इस समारोह का हिस्सा बने, जिससे दर्शकों के बीच जिज्ञासा और उत्साह का माहौल बन गया।
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भारत ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस पर अपनी सांस्कृतिक विविधता, आर्थिक विकास और सैन्य कौशल का भव्य प्रदर्शन किया, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइलें, युद्धक विमान, नवगठित इकाइयां और घातक हथियार प्रणालियां शामिल थीं। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई। यह सैन्य प्रदर्शन के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण राजनयिक क्षण भी था। हालांकि इस आयोजन का विषय ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर था, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के हृदय में स्थित कर्तव्य पथ पर परेड में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को भी प्रमुखता मिली।
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पहली बार परेड के दौरान घुड़सवार 61वीं कैवलरी के सदस्य लड़ाकू वर्दी में दिखाई दिए। 61वीं कैवलरी पारंपरिक रूप से औपचारिक परेड में सशस्त्र बलों की अग्रणी टुकड़ी रही है। यह टुकड़ी अपने सदस्यों द्वारा औपचारिक वर्दी और आकर्षक टोपी पहनने के कारण अपनी प्रभावशाली उपस्थिति के लिए जानी जाती है। टुकड़ी का नेतृत्व करने वाले कैप्टन अहान कुमार (26) को यह सम्मान 2025 की परेड में भी प्राप्त हुआ था। इस वर्ष भी वह हनोवरियन नस्ल के घोड़े ‘रणवीर’ के साथ टुकड़ी कमांडर के रूप में कर्तव्य पथ पर लौटे। हालांकि, इस बार वह लड़ाकू पोशाक में थे।
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गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई अन्य चीज़ें भी पहली बार देखने को मिलीं। अधिकारियों ने बताया कि भारी थर्मल वर्दी पहने हुए मिश्रित स्काउट्स का एक दल भी पहली बार परेड का हिस्सा बना। लेफ्टिनेंट अमित चौधरी ने परेड में इस टुकड़ी का नेतृत्व किया। उनके लिए यह एक व्यक्तिगत उपलब्धि होने के साथ-साथ उनके पिता के प्रति एक भावुक श्रद्धांजलि भी थी, जो 1990 में औपचारिक परेड का हिस्सा थे। विशेष जूते और कठोर मौसम व ऊंची चोटियों के लिए बनाए गए बहुस्तरीय पोशाक और धूप से बचाने वाले चश्मे पहनकर वह और उनकी टीम कर्तव्य पथ पर मार्च कर रहे थे, जिस पर दर्शकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
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परेड में पहली बार शक्तिबाण रेजिमेंट का भी प्रदर्शन हुआ, जिसे सेना के तोपखाने की ताकत बढ़ाने के लिए स्थापित किया गया है। नयी रेजिमेंट में ड्रोन, ‘काउंटर-ड्रोन’ और लोइटर म्यूनीशन की व्यवस्था होगी। भैरव लाइट कमांडो बटालियन ने 15 जनवरी को जयपुर में सेना दिवस परेड में पहली बार हिस्सा लिया था। यह बटालियन पिछले साल अक्टूबर में बनाई गई थी। 26 जनवरी की परेड में राष्ट्रीय राजधानी में सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट की भैरव बटालियन ने हिस्सा लिया। भैरव बटालियन एक विशेष पैदल सेना इकाई है, जो पारंपरिक इन्फेंट्री और विशेष बलों की क्षमताओं को जोड़ती है।
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रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘तेज प्रतिक्रिया और उच्च-तीव्रता वाले अभियानों के लिए बनाई गई यह बटालियन युद्धभूमि में सबसे पहले तैनात होती है।’’ अधिकारी ने बताया कि वे संत सिपाही के आदर्शों का प्रतीक हैं, जो युद्ध में उग्र होते हुए भी आध्यात्मिक रूप से शांत रहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के उग्र और रक्षाशील स्वरूप से प्रेरित नाम ‘भैरव’ ‘‘नियंत्रित आक्रामकता, अजेयता और धार्मिक शक्ति’’ का प्रतीक है।
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परेड के दौरान अन्य प्रमुख सैन्य साजो सामान में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल प्रणाली, सतह से हवा में मार करने में सक्षम मध्यम दूरी की मिसाइल (एमआरएसएएम) प्रणाली, उन्नत टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएटीजीएस), धनुष तोप और कुछ ड्रोन का प्रदर्शन शामिल था। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने लंबी दूरी की पोत विध्वंसक हाइपरसोनिक मिसाइल (एलआर-एएसएचएम) का प्रदर्शन किया, जो स्थिर और गतिशील लक्ष्यों को भेदने में सक्षम एक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ के नेताओं की उपस्थिति भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी की बढ़ती ताकत और साझा मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मेजबानी करना भारत के लिए सौभाग्य की बात है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनकी उपस्थिति भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी की बढ़ती ताकत और साझा मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ के नेताओं की यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में भारत और यूरोप के बीच जुड़ाव गहरा करेगी और सहयोग को गति प्रदान करेगी।
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पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सोमवार को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड समारोह में शामिल हुए। धनखड़ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के साथ अगली पंक्ति में बैठे थे। इससे पहले खरगे को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ तीसरी पंक्ति में बैठे देखा गया था। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत भी अतिथियों में शामिल थे।
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गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, विदेश मंत्री एस जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ इस समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी समारोह में उपस्थित थे। बड़ी संख्या में राजनयिक भी मौजूद थे।