अब यादों में दादी की प्यारी ‘चीनी’, मार्च में बजनी थी शहनाई, पर विदा हुई अर्थी, पायलट शांभवी पाठक को भाई ने दी मुखाग्नि
दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव में उस समय सन्नाटा छा गया जब पायलट शांभवी पाठक के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर लाया गया। शोक संतप्त रिश्तेदारों के पाठक के घर पहुंचने लगे तो आसपास रहने वाले लोग दबी आवाज में बातें करते रहे।

Image Source : pti
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