हर दिन नहीं होता बाल धोने के लिए सही! Hair Wash के लिए कौन-सा दिन शुभ या अशुभ, शास्त्रों में बताए गए हैं नियम

Published : Oct 28, 2025 02:47 pm IST, Updated : Oct 28, 2025 02:47 pm IST
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    हिंदू धर्म में बाल धोने को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। खासकर महिलाओं के लिए कुछ दिन विशेष रूप से अशुभ बताए गए हैं। शास्त्रों के अनुसार, सही दिन पर बाल धोने से सुख-समृद्धि बनी रहती है, लेकिन गलत दिन ऐसा करने से धन हानि, कष्ट और दुर्भाग्य का प्रभाव बढ़ सकता है। अगर आप कई तरह की परेशानियों से गुजर रहे हैं, तो नियमों का पालन करके बदलते प्रभावों को देख सकते हैं।

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    हिंदू धर्म ग्रंथों में हर काम का एक शुभ और अशुभ समय बताया गया है। शास्त्रों में जीवन के हर कार्य के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। चाहे वह सुबह उठने का समय हो या सोने से पहले के नियम। इन्हीं में से एक है बाल धोने का नियम। ऐसा कहा जाता है कि बाल धोने का गलत दिन चुनने से व्यक्ति की किस्मत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं सही दिन पर बाल धोने से ग्रह-नक्षत्र संतुलित रहते हैं और घर में सुख-शांति आती है।

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    बुधवार के दिन अविवाहित लड़कियों का बाल धोना ठीक नहीं माना जाता। मान्यता है कि इस दिन बाल धोने से विवाह में अड़चनें आ सकती हैं और जीवन में कठिनाइयां बढ़ सकती हैं। कुछ धार्मिक मतों के अनुसार, बुधवार को बाल धोने से भाई के जीवन पर भी अशुभ प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इस दिन कुंवारी कन्याओं को बाल न धोने की सलाह दी जाती है।

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    विवाहित महिलाओं को मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन बाल धोने से बचना चाहिए। मंगलवार को बाल धोने से घर की सुख-समृद्धि में कमी आती है, गुरुवार को यह आर्थिक हानि का कारण बन सकता है और शनिवार को इसे दुर्भाग्य का दिन कहा गया है। माना जाता है कि इन दिनों बाल धोने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं। शुक्रवार को हेयर वॉश कर सकते हैं, क्योंकि यह दिन लक्ष्मी जी को समर्पित है।

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    गुरुवार का दिन बृहस्पति देव को समर्पित होता है। इसलिए इस दिन महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही बाल न धोने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से घर की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस दिन बालों में तेल लगाने या साबुन का उपयोग करने की भी मनाही होती है, क्योंकि इससे लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं।

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    शनिवार को बाल धोने को लेकर दो मत प्रचलित हैं। कुछ धर्मशास्त्रियों के अनुसार, शनिवार को बाल धोना दुर्भाग्य को बढ़ाता है और शनिदेव को नाराज करता है। जबकि कुछ मानते हैं कि इस दिन बाल धोने से साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव कम होता है। ऐसे में यह पूरी तरह व्यक्ति की श्रद्धा और परंपरा पर निर्भर करता है कि वह किस मत को अपनाता है।

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    गुरुवार के अलावा एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा के दिन भी बाल धोना या कटवाना अशुभ माना गया है। इन तिथियों पर बाल धोने से शरीर की ऊर्जा असंतुलित होती है और मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है। शास्त्रों के अनुसार, इन नियमों का पालन करने से जीवन में स्थिरता, सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

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    हिंदू धर्म में बाल धोने का संबंध सिर्फ साफ-सफाई से नहीं, बल्कि ग्रह-नक्षत्रों और शुभ-अशुभ योगों से भी जुड़ा है। इसलिए हर व्यक्ति को शास्त्रों में बताए गए दिनों का ध्यान रखते हुए ही बाल धोने चाहिए, ताकि जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।