करवा चौथ में किस चीज की अनुमति नहीं है? व्रत करने वाली महिलाओं को रखनी चाहिए ये विशेष सावधानियां
Published : Oct 07, 2025 07:16 pm IST, Updated : Oct 07, 2025 07:16 pm IST
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Image Source : pixabayKarwa Chauth ke Din Kya Nahi Karna Chahiye: करवा चौथ 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। यह व्रत सबसे पवित्र और महिलाओं के सबसे पसंदीदा व्रतों में से एक है। यह व्रत पति-पत्नी के रिश्ते में एक-दूसरे के लिए अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। कहते है कि करवा चौथ के दिन किए जाने वाले कार्यों का सीधा असर व्रत के फल पर पड़ता है। इसलिए व्रत करने वाली महिलाओं को विशेष सावधानियां रखनी चाहिए।
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कई बार महिलाएं अनजाने में कुछ ऐसे काम कर लेती हैं, जो व्रत के नियमों के विपरीत होते हैं और इससे व्रत का पूरा फल नहीं मिल पाता। कुछ कार्य ऐसे भी हैं, जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए। चलिए जानते हैं कि करवा चौथ के दिन कौन से काम नहीं करने चाहिए और किन नियमों का पालन करना चाहिए।
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करवा चौथ के व्रत में सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता है। यह नियम व्रत की आत्म निष्ठा और शक्ति का प्रतीक है, लेकिन अगर सेहत साथ न दे तो, सिर्फ डॉक्टर की सलाह से फलाहार लिया जा सकता है।
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करवा चौथ के दिन सच्चाई, शुद्धता और विनम्रता का पालन करें। झूठ बोलना, कटु वचन कहना या किसी का दिल दुखाना व्रत के पुण्य को कम करता है। पूजा के दौरान मन को एकाग्र रखें और मोबाइल या अन्य व्यर्थ बातों में ध्यान न भटकाएं।
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सौभाग्य के प्रतीक पर्व करवा चौथ के शुभ अवसर पर काले रंग के कपड़े न पहनें, क्योंकि पूजा में काले कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता है। इस दिन महिलाओं के लिए सजना-संवरना शुभ माना जाता है, लेकिन इसे दिखावे के लिए न करें। मेकअप या आभूषणों का उपयोग श्रद्धा-भाव से करें, न कि बाहरी आकर्षण के लिए।
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घर और मंदिर की साफ-सफाई का ध्यान रखें। पूजा में श्रद्धा और पूर्ण समर्पण होना चाहिए। व्रत के दौरान किसी के बारे में गलत न सोचें। ऐसा माना जाता है कि इस तरह की गलती करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
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करवा चौथ के दिन सुई, कैंची या धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मान्यता के अनुसार, यह दिन पूर्ण शुभता का प्रतीक है और इन वस्तुओं का प्रयोग अशुभ माना जाता है। इस दिन कई घरों में सिलाई या काट-छांट का काम बिल्कुल नहीं किया जाता।
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करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के बीच प्रेम और सौहार्द का पर्व है। इसलिए, इस दिन पति-पत्नी लड़ाई-झगड़ा न करें। नकारात्मक विचार या कटु व्यवहार से करवा माता नाराज हो सकती हैं।
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करवा चौथ का सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि व्रत केवल चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाए। चांद को अर्घ्य दिए बिना भोजन या जल ग्रहण करना व्रत का उल्लंघन माना जाता है। इसलिए, धैर्य रखें और विधि-विधान के अनुसार व्रत खोलें।