Magh Amavasya 2026: माघ अमावस्या पर बनेगा ऐसा दुर्लभ योग कि गंगाजल समान हो जाएंगे सभी जलाशय, दान-पुण्य का भी मिलेगा कई गुना लाभ

Published : Jan 17, 2026 01:44 pm IST, Updated : Jan 17, 2026 01:44 pm IST
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    माघ अमावस्या का पावन त्योहार 18 जनवरी 2026 को है इस दिन लोग स्नान-दान के साथ ही पितरों की पूजा भी करते हैं। इस पावन दिन पर धार्मिक कार्य करने से देवी-देवताओं के साथ ही हमारे पितृ भी प्रसन्न होते हैं। साल 2026 में माघ अमावस्या के दिन एक ऐसा योग बना है जिसके चलते आपको शुभ कर्मों का कई गुना लाभ मिलता है। साथ ही इस योग के बनने से सभी स्थानों का जल गंगाजल के समान हो जाता है ऐसा पुराणों में बताया गया है।

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    साल 2026 के दिन बनने वाले दुर्लभ योग का नाम है अर्धोदय योग। इस बार अमावस्या तिथि रविवार के दिन है और साथ ही इस दिन व्यतीपात योग भी है जिसके चलते दुर्लभ अर्धोदय योग बन रहा है। इस योग को बहुत पुण्य फलदायक माना जाता है।

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    स्कंद पुराण में वर्णित है कि अर्धोदय योग में हर जलाशय का जल गंगाजल के समान हो जाता है। ऐसे में अर्धोदय योग के दौरान किसी भी जलाशय में स्नान करने से आपको गंगा में डुबकी लगाने जैसे पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

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    अर्धोदय वाली अमावस्या में अगर आप स्नान के साथ ही दान भी करते हैं और जरूरतमंदों की सेवा करते हैं तो कई गुना अधिक शुभ फल आपको मिल सकते हैं और साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी आप पर बरसता है।

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    इसके साथ ही अर्धोदय वाली अमावस्या में अगर आप सामर्थ्य अनुसार, सोना या चांदी दान करते हैं तो आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं। इसलिए इस विशेष दिन का लाभ आपको अवश्य उठना चाहिए। सोना-चांदी दान न भी दे सकें तो अपनी सामर्थ्य के अनुसार आपको अन्न, वस्त्र और धन का दान करना चाहिए।