शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करते समय किस मंत्र का जप करना चाहिए?

शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए और शनि दोष को दूर करने के लिए लोग शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करते हैं। हालांकि कई बार सरसों का तेल अर्पित करने के बाद भी शनि देव का आशीर्वाद आप पर नहीं बरसता। इसका कारण गलत मंत्रों का जप या बिना जप किए शनि देव पर तेल अर्पित करना हो सकता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं शनि देव को तेल अर्पित करने का सही तरीका और मंत्र।
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शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए और शनि दोष को दूर करने के लिए लोग शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करते हैं। हालांकि कई बार सरसों का तेल अर्पित करने के बाद भी शनि देव का आशीर्वाद आप पर नहीं बरसता। इसका कारण गलत मंत्रों का जप या बिना जप किए शनि देव पर तेल अर्पित करना हो सकता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं शनि देव को तेल अर्पित करने का सही तरीका और मंत्र।
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शनि मंदिर में शनि देव पर सरसों का तेल अर्पित करने से पहले ये जरूर निश्चित कर लें कि आप ठीक उनके सामने खड़े न हों। शनि देव के दाएं या बाएं रहकर आपको सरसों का तेल अर्पित करना चाहिए।
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इसके बाद तेल अर्पित करने से पहले शनि देव के सामने नमन करके 'नमस्ते कोणसंस्थाय पिंगलाय नमोऽस्तुते। नमस्ते बभ्रुरूपाय कृष्णाय च नमोऽस्तुते' मंत्र का जप करना चाहिए।
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शनि देव को नमन करने के बाद आपको दोनों हाथों से सरसों के तेल से भरा पात्र पकड़ना चाहिए और शनि देव के बीज मंत्र 'प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' का जप करते हुए तेल अर्पित करना चाहिए।
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बीज मंत्र के साथ ही आप शनि देव के सरल मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का भी जप कर सकते हैं। सही विधि और मंत्रों का जप करने से शनि देव की कृपा आप पर शीघ्र बरसती है और जीवन में सुख-शांति आती है।