शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति चाहिए तो कर लें शनिवार का व्रत, जानें पूजा विधि, नियम और शनिदेव को प्रसन्न करने के सरल उपाय
शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित माना जाता है। शनिदेव को कर्मफल दाता कहा गया है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। मान्यता है कि शनिवार के दिन श्रद्धा से पूजा और व्रत करने से कुंडली में मौजूद शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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