कैसे हजारों साल तक संरक्षित रहते हैं मिस्र के पिरामिड?

Published : Nov 01, 2025 06:30 pm IST, Updated : Nov 01, 2025 06:30 pm IST
  • Image Source : AP

    मिस्र के पिरामिड प्राचीन विश्व के सबसे बड़े रहस्य हैं, जो फरोहों के मकबरे के रूप में बने। इनकी संरक्षा का रहस्य इंजीनियरिंग, स्थान चयन और सांस्कृतिक महत्व में छिपा है।

  • Image Source : AP

    मिस्र के पिरामिड का प्रारंभिक विकास (लगभग 2630 ईसा पूर्व) हुआ। सबसे पुराना स्टेप पिरामिड, सक्कारा में राजा डजोसर के लिए इम्होटेप द्वारा निर्मित किया गया। यह मस्ताबा (चपटी कब्रों) से विकसित हुआ, जो पुरानी राजवंश काल की शुरुआत था।

  • Image Source : AP

    गिजा का स्वर्ण युग (2550-2490 ईसा पूर्व) था। खुफू का महान पिरामिड (146 मीटर ऊंचा), खफ्रे और मेनकौरे के पिरामिड नील नदी के पश्चिम तट पर बने। ये मध्य राजवंश तक चले। इस दौरान 100 से ज्यादा पिरामिड बने।

  • Image Source : AP

    पिरामिडों को बनाने का उद्देश्य फरोहों की आत्मा को शाश्वत जीवन प्रदान करना था। इसलिए वे सभी धन-संपदा के साथ दफनाए गए। रोमन काल तक प्राचीन, फिर इस्लामी युग में संरक्षित किए गए।

  • Image Source : AP

    ये पिरामिड स्थिर रेतीली मिट्टी पर ऊंचाई पर बनाए गए। यह नील घाटी से दूर, बाढ़ और प्राकृतिक बाधाओं से इसलिए सुरक्षित रहे।

  • Image Source : AP

    इन पिरामिडों को चूना पत्थर-ग्रेनाइट ब्लॉकों से बनाया गया। इसके बाद इन्हें तांबे के औजारों से तराशा गया। रैंप और गीली मिट्टी से ऊंचाई पर चढ़ाए। यह स्थिर ज्यामिति, भूकंप-रोधी रहे।

  • Image Source : AP

    ये पिरामिड 4500 वर्ष पुराने हैं, फिर भी मजबूत हैं। यह मानव बुद्धि और प्रकृति का चमत्कार है। यहां की शुष्क जलवायु ने इनका क्षरण रोका। हाल ही में मिस्र में दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम बनाया गया। जिसमें 50000 कलाकृतियां सुरक्षित हैं।