हरियाणा: कैथल जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना का अंत भी उतना ही सनसनीखेज तरीके से हुआ है जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। अपनी 11 वर्षीय मासूम बेटी की गला घोंटकर हत्या करने वाले आरोपी पिता गोवर्धन (निवासी जयपुर गदली, जींद) ने कैथल जेल में आत्महत्या कर ली है। आरोपी ने न केवल अपनी ही संतान का खून किया, बल्कि पुलिस को गुमराह करने के लिए 'ब्लैक स्कॉर्पियो' और लूट की फिल्मी कहानी भी रची थी, जिसका पर्दाफाश पुलिस ने अपनी सूझबूझ से किया था।
शातिर पिता ने बेटी की हत्या कर रचा नाटक
आरोपी गोवर्धन अपनी बेटी को उसके ननिहाल 'सीवन' ले जाने के बहाने घर से निकला था। पूछताछ में सामने आया कि वह गांव से निकलते ही ऐसी जगह तलाश रहा था जहां वह वारदात को अंजाम दे सके। सफीदों और असंध को पार करने के बाद, प्योदा लिंक रोड पर सुनसान इलाका देखकर उसने मोटरसाइकिल नहर की पटरी पर मोड़ दी। वहां उसने मासूम का गला घोंटकर उसे मौत की नींद सुला दिया। पुलिस को उलझाने के लिए आरोपी ने खुद के कपड़े फाड़ लिए और घर से पैसे (12 हजार रुपये) कूड़े के ढेर में छिपाकर चला, ताकि लूट का नाटक रच सके।
पत्नी के चरित्र पर था शक, बेटी की ले ली जान
गोवर्धन ने पुलिस को सूचना दी कि स्कार्पियो सवार बदमाशों ने उसकी पिटाई की और बेटी को अगवा कर लिया। पुलिस के एक सवाल ने तोड़ा गुरूर" जांच के दौरान जब पुलिस ने पूछा कि "अगर वारदात रास्ते में हुई, तो 20 किमी दूर ससुराल जाकर ही सूचना क्यों दी?" इस सवाल पर आरोपी लड़खड़ा गया। सख्ती बरतने पर उसने कबूल किया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था और वह बेटी को अपनी संतान नहीं मानता था। आरोपी ने रिमांड के दौरान अपना जुर्म और साजिश पूरी तरह कबूल कर ली थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर छिपाए गए पैसे और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली थी। रिमांड खत्म होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। जहां उसने खुदकुशी कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।