कैथल में हेड कांस्टेबल के फेसबुक पोस्ट से हड़कंप, लिखा- DSP ने नशे के केस में फंसाने की धमकी दी
हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने लिखा कि उन्होंने नशे के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाया। इसके बाद से उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा- मुझे धमकियां मिल रही हैं। मेरा साथ कौन देगा?
हरियाणा के कैथल में तैनात हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाकर पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। एंटी नारकोटिक्स सेल में कार्यरत सुनील संधू ने फेसबुक पोस्ट के जरिए दावा किया कि उन्होंने प्रशासन के निर्देश पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया, लेकिन अब उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।
क्या हैं आरोप?
दरअसल, सुनील संधू ने सोमवार रात 11 बजकर 13 मिनट पर फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने नशे के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाया। इसके बाद से उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलायत के DSP ललित यादव उन्हें नशा बेचने के झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मैंने प्रशासन के कहने पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया था। अब मुझे बहुत परेशान किया जा रहा है, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं सच का साथ दूं या झूठ का- मुझे धमकियां मिल रही हैं। मेरा साथ कौन देगा?"
SP ने दिए जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद कैथल की पुलिस अधीक्षक उपासना सिंह ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह ही यह मामला उनके संज्ञान में आया। चूंकि, सोशल मीडिया पोस्ट में कलायत के DSP का नाम लिखा गया है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए गुहला के DSP कुलदीप बेनीवाल को जांच सौंपी गई है। SP ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
सुनील संधू कैथल में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी, दो बच्चे और मां हैं। उनके पिता का देहांत हो चुका है। वे हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुए थे और बाद में पदोन्नत होकर हेड कांस्टेबल बने। संधू ‘मानवता विश्वास’ नामक NGO से भी जुड़े हुए हैं। इस संस्था के माध्यम से वे जरूरतमंद लड़कियों की शादी करवाने और बीमार लोगों के इलाज में आर्थिक मदद करने का काम करते रहे हैं।
पंजाब के वित्त मंत्री ने उठाया मुद्दा
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सुनील संधू का मामला उठाते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, "हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पंजाब के मामलों में दखल देने के लिए अपनी बेबाक बातों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उन्हें हरियाणा में अपनी ही बीजेप सरकार के बारे में ये साफ करना चाहिए कि उनके राज्य में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने वाले ईमानदार पुलिस अधिकारियों पर दबाव क्यों डाला जा रहा है और ड्रग तस्करों को खुलेआम पैसा और सपोर्ट क्यों मिल रहा है? सैनी साहब, याद रखें कि पंजाब में राजनीति करने के बजाय आपके लिए अपने राज्य के हालात पर जवाब देना ज्यादा जरूरी है। ड्रग तस्करों का सपोर्टर बनकर हरियाणा के लोगों को परेशान न करें।"
AAP नेता का हमला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "हरियाणा में नायब सिंह सैनी सरकार है या ड्रग्स तस्करों की सरकार है? एक पुलिसकर्मी को नशा रोकने पर धमकियां मिल रही हैं। पुलिस के सीनियर अधिकारी उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। जब पुलिसकर्मी ही इतना मजबूर है कि सोशल मीडिया पर अपना दर्द बताना पड़ रहा है, तो सोचिए ड्रग्स का कारोबार हरियाणा में बीजेपी सरकार की सरपरस्ती में कैसे खुलेआम चल रहा है।"
(रिपोर्ट- अमित भटनागर)
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