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कैथलः DSP–हेड कांस्टेबल विवाद मामले में इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, एसपी की कार्रवाई से हड़कंप

हरियाणा के कैथल ज़िले में एक विवाद तब खड़ा हो गया जब एंटी-ड्रग अवेयरनेस कैंपेन चलाने वाले एक हेड कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि एक सीनियर पुलिस ऑफिसर उन्हें झूठे नारकोटिक्स केस में फंसाने की धमकी दे रहा है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : ANI सांकेतिक तस्वीर

कैथलः कैथल जिले में डीएसपी–हेड कांस्टेबल विवाद पर जिले के एसपी ने बड़ा एक्शन लिया है। एसपी ने एक इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर आरोपों की चिंगारी ने ऐसा रूप लिया कि एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए नशा जागरूकता टीम सहित कुल 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।

इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एक्शन

जिन लोगों पर कार्रवाई की गई है, उनमें इंस्पेक्टर साहिल, एसआई कर्मबीर, एएसआई ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल सुनील संधू, सिपाही रेखा व सोनिया और एसपीओ जसविंदर, राजपाल व प्रदीप आए हैं। गौरतलब है कि हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने कलायत के डीएसपी पर झूठे नशा केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए पोस्ट वायरल की थी। जांच जारी है, लेकिन इस बड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा है।

हेड कांस्टेबल सुनील संधू, जो राज्य सरकार के नशा मुक्ति अभियान से एक्टिव रूप से जुड़े रहे हैं, ने फेसबुक पर पोस्ट करके दावा किया कि कलायत के DSP ललित यादव ने कथित तौर पर उन्हें झूठे "स्मैक" (हेरोइन) केस में फंसाने की धमकी दी थी। संधू ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन के कहने पर एंटी-ड्रग कैंपेन चलाने के बावजूद उन्हें मेंटली परेशान किया गया और उन पर दबाव डाला गया।

रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

वहीं, कैथल में ACB का बड़ा एक्शन सामने आया है। टीम ने असिस्टेंट रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी ऋषि महाजन व इंस्पेक्टर जसबीर को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों पर पाड़ला पैक्स में युवक को नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग करने का आरोप है। इस मामले में पाड़ला निवासी मांगे राम ने ACB टीम को शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि वे अपने पोते अभिमन्यु को पाड़ला पैक्स में नौकरी दिलवाना चाहते थे। आरोप है कि अधिकारियों ने कहा कि अन्य युवाओं से दो-दो लाख रुपये लिए गए हैं, लेकिन उनसे एक लाख रुपये में काम करवा दिया जाएगा।

रिपोर्ट- अमित भटनागर