हरियाणा के सिरसा में सीईटी परीक्षा के दौरान जुड़वा बहनों को परेशानी झेलनी पड़ी। रतिया के सहनार गांव की ज्योति और मलिका को पुलिस लाइन में काफी देर तक बैठाया गया। वहीं, फतेहाबाद पीलीमंदोरी गांव की खुशबू और मुस्कान को भी काफी देर तक थाने में बैठना पड़ा। जुड़वा बच्चियों की मां सुमन ने सरकार से अपील की है कि ऐसे मामलों में समय से पहले ही सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाना चाहिए, ताकि परीक्षा के समय बेटियों को परेशानी न हो।
मामला रतिया के सहनार गांव का है। यहां रहने वाली जुड़वा बहनें ज्योति और मलिका इस अजीबोगरीब स्थिति का शिकार बनीं, जहां पुलिस सत्यापन के नाम पर उन्हें पुलिस लाइन ले आई। लंबे समय इंतजार के बाद उन्हें वेरिफिकेशन के बाद जाने दिया गया। दरअसल, ज्योति का पेपर परीक्षा के पहले दिन था, लेकिन जब दूसरे दिन मलिका परीक्षा देने पहुंची तो दोनों बहनों को पुलिस लाइन बुला लिया गया। वहां वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद ही जुड़वा बहनों को वापस छोड़ा गया।
सिरसा में भी जुड़वा बहनें परेशान
सिरसा में इसी तरह का एक और मामला फतेहाबाद जिले के गांव पीलीमंदोरी निवासी जुड़वा बहनों का सामने आया। यहां खुशबू और मुस्कान नाम की जुड़वा बहनों को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ा। खुशबू का पेपर सुबह था जबकि मुस्कान का पेपर शाम के स्लॉट में। मुस्कान का पेपर खत्म होने तक खुशबू को पुलिस लाइन में रोके रखा गया। इस पूरे घटनाक्रम से दुखी दोनों परिवारों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। रतिया निवासी शेर सिंह ने कहा कि उनकी बेटियों ने पूरी मेहनत से परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन परीक्षा केंद्र पर इस तरह की असुविधा का सामना करना उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।
पहले से सर्टिफिकेट जारी करने की अपील
पीलीमंदोरी निवासी सुमन देवी ने सरकार से आग्रह किया है कि भविष्य में ऐसी परेशानियों से बचने के लिए जुड़वा बच्चों का विशेष सत्यापन पेपर से पहले ही कर लिया जाए और उन्हें सर्टिफिकेट जारी किया जाए, ताकि परीक्षा केंद्र पर इस तरह की अपमानजनक स्थिति उत्पन्न न हो।
(सिरसा से विक्रमजीत की रिपोर्ट)