नई दिल्ली: बुधवार के सत्र में भारी बिकवाली के चलते भारतीय शेयर बाजार में साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। सत्र के अंत में सेंसेक्स 722 अंकों की भारी गिरावट के साथ 26717 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 227 अंकों की गिरावट के साथ 8097 के स्तर पर बंद हुआ। दोनों ही सूचकांकों के लिहाज से यह इस साल का निचला स्तर है। निफ्टी ने 7 जनवरी के बाद पहली बार 8100 के अहम स्तर को तोड़ा है। बाजार में यह गिरावट ग्रीस में गहराते भुगतान संकट, कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल और मैट पर बरकरार असमंजस के चलते देखने को मिल रही है। बाजार के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में भी बाजार में किसी बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। इसकी मुख्य वजह संसद सत्र खत्म हो जाने के बाद घरेलू स्तर पर किसी बड़े ट्रिगर का अभाव है।
बैंकिंग शेयरों में जोरदार गिरावट
बीएसई के सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। कैपिटल गुड्स, बैंकिंग, पावर और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हावी रही। बीएसई के कैपिटल गुड्स इंडेक्स में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बैंक निफ्टी 3.25 फीसदी की कमजोरी के साथ 17870 के नीचे आ गया है।
छोटे शेयरों में बड़ी गिरावट
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की भी जमकर पिटाई हो रही है। सीएनएक्स मिडकैप इंडेक्स करीब 3.5 फीसदी गिरकर 12538 पर क्लोज हुआ है। एनएसई स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 3.63 फीसदी गिरकर 5400 के नीचे आ गया है।
मिडकैप शेयरों में एचडीआईएल, रिसा इंटरनेशनल, सेंचुरी, जुबिलंट लाइफ और एसकेएस माइक्रोफाइनेंस सबसे ज्यादा 8.7-7.5 फीसदी तक टूटे हैं। स्मॉलकैप शेयरों में पोदार डेवलपर्स, सेंचुरा एन्का, तिलक फाइनेंस, डायमंड पावर और ईएसएस डीईई सबसे ज्यादा 12-9.2 फीसदी तक लुढ़के हैं
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