रांची: झारखंड के गोड्डा जिले में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड लालमटिया कोयला खदान हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत हुई है जबकि दर्जन भर मजदूर लापता हैं। इस बीच ईसीएल ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिये हैं।
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अपर पुलिस महानिदेशक आरके मल्लिक ने बताया कि गुरुवार देर शाम हुई इस दुर्घटना में कम से कम 23 लोग खदान से निकले मलबे के धंसने से उसके नीचे दब गये थे जिनमें से अब तक 10 श्रमिकों के शव बरामद किये गये हैं, जबकि अभी भी एक दर्जन से अधिक लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में तीन दर्जन से अधिक लोगों के फंसने की खबर आयी थी लेकिन आज सुबह जांच में 23 लोगों के लापता होने की बात सामने आयी। राहत एवं बचाव कार्य में अब तक कुल 10 श्रमिकों के शव बरामद किये गये हैं जबकि दर्जन भर का अभी पता नहीं चल सका है।
उन्होंने बताया कि इस खदान में जिस निजी कंपनी महालक्ष्मी खनन को काम लीज पर दिया गया था उसके अधिकारी और कर्मचारी मौके से फरार हो गये हैं। लिहाजा अब दुर्घटना में फंसे लोगों की पहचान के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। अब इस बात की भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है कि वास्तव में कितने लोग धंसी खदान में बचे रह गये हैं। हालांकि प्रशासन दुर्घटनास्थल से पूरा मलबा हटाने में लगा हुआ है और इस काम में एनडीआरएफ की टीम भी तत्परता से लगी हुई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने यहां बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस दुर्घटना पर आज सुबह गहरा दुख प्रकट किया और इसकी विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री रघुवर दास से फोन पर प्राप्त की। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा था, झारखंड में खान दुर्घटना में लोगों की मौत पर अत्यंत शोक है। जो लोग खान में फंसे हैं उनकी रक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना है।
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