नयी दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नियंत्रण रेखा के पार पिछले चार महीनों में पाकिस्तान समर्थित नये आतंकी शिविर वजूद में आये हैं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पिछले साल भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पीओके में काफी अधिक संख्या में इन शिविरों के बनने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में आतंकवादियों को जम्मू कश्मीर में घुसपैठ के लिये प्रशिक्षित किया जाता है। (जब टिफिन लेकर कैबिनेट की बैठक में पहुंचे सभी मंत्री तो मुख्यमंत्री ने....)
अधिकारी ने खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया कि पिछले साल सितंबर में भारतीय सेना की पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान पाकिस्तान समर्थित आतंकी शिविरों की संख्या 35 थी। उस दौरान इनमें से अधिकांश आतंकी शिविर या तो नष्ट कर दिये गये थे या फिर इन्हें पीओके में अंदरूनी इलाकों में स्थानांतरित कर दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि इस साल जनवरी के बाद बीते चार महीनों में इस इलाके में 20 नये शिविर फिर से बना दिये गये। जबकि सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान स्थानांतरित किये गये 35 शिविर भी फिर से इसी इलाके में कार्यरत हो गये हैं।
उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी 55 शिविर पूरी तरह से कार्यरत हैं। मंत्रालय को मिली जानकारी के मुताबिक पिछले चार महीनों में पीओके से घुसपैठ की 60 कोशिशें हुईं इनमें 15 आतंकवादी जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करने में कामयाब रहे। अधिकारी ने खुफिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि इस समय कश्मीर घाटी में 160 आतंकवादी सक्रिय होकर अपने संचालक संगठनों के निर्देशों पर सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले कर रहे हैं जिससे नियंत्रण रेखा और घाटी में विस्फोटक हालात बने रहें।
उन्होंने बताया कि 8 मई को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर स्थानांतरित होने की कवायद राज्य सरकार द्वारा शुरू करने से पहले आतंकवादी संगठनों की कोशिश है कि हमलों के जरिये घाटी में सक्रिय समर्थक गुटों का मनोबल कायम रखा जाये। कल पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम द्वारा सीमा पर दो भारतीय सैनिकों की बर्बरता से हत्या कराना भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
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