कहते हैं दुख बांटने से हल्का होता है और सुख बांटने से कई गुना बढ़ जाता है। ऐसा ही कुछ नज़ारा देखने को मिला सुरत में जहां एक कारोबारी ने बेटे और भतीजे की शादी के साथ 236 अनाथ बेटियों का भी विवाह करवा दिया।
महेश सवाणी ने ऐसा करके रईस लोगों को एक संदेश दिया कि एक बड़ी शादी के खर्च में कई बच्चियों की शादियां हो सकती है। सबसे पहले 22 दिसंबर को मेहंदी की रस्म हुई, 23 को रास-गरबा और रविवार को फेरे हुए।
इन 236 लड़कियों में 5 लड़कियां मुस्लिम समुदाय से थीं। एक लड़की किश्चियन तो बाकि हिंदू लड़कियों की शादी हुई। इन सभी के पिता का साया उनके सर से उठ चुका था।
collective marriage, Surat
दरअसल साल 2008 में सवाणी परिवार के ईश्वरभाई सवाणी की दो बेटियां मितुला औऱ अमृता की शादी से एक हफ्ता पहले ही ईश्वरभाई चल बसे थे जिसके बाद से महेश सवाणी ने समाज की अनाथ बेटियों के पिता की जिम्मदारी पूरी करने की ठानी और 1001 बेटियों की शादी करवाने का प्रण लिया और अब ये सभी बेटियां महेश सवाणी को पापा ही बुलाती हैं।
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