बालेश्वर (ओडिशा): पिनाक रॉकेट से विकसित किए गए निर्देशित पिनाक का चांदीपुर स्थित समेकित परीक्षण रेंज से आज सफल परीक्षण किया गया। पिनाक रॉकेट मार्क-1 से विकसित किए गए पिनाक रॉकेट मार्क-2 नौवहन, निर्देशन और नियंत्रण किट से लैस है तथा इसे निर्देशित पिनाक में तब्दील कर लिया गया है। यह मिसाइल 44 सेकंड में बारह रॉकेट दागने में सक्षम है.
रक्षा सूत्रों ने कहा कि परीक्षण चांदीपुर के प्रक्षेपण परिसर तीन से किया गया। ‘पिनाक’ रॉकेट का भी 65 किलोमीटर रेंज के लिए परीक्षण किया गया ‘पिनाक’ 900 वर्ग मीटर के क्षेत्र को पूरी तरह तबाह कर सकता है । उन्होंने कहा कि तब्दीली ने पिनाक की मारक क्षमता, दूरी और निशाने को बेहतर बना दिया है। परीक्षण सभी मिशन लक्ष्यों में सफल रहा।
भारत ने गुरुवार को पानी के भीतर या सतह पर टॉरपीडो के साथ-साथ पोत-रोधी मिसाइलों से वार करने और रडार से बच निकलने की उत्कृष्ट क्षमता से लैस स्कॉर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी खान्देरी का मझगाव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में जलावतरण किया गया। स्कॉर्पीन श्रेणी की यह पनडुब्बी अत्याधुनिक फीचरों से लैस है। इनमें सधा हुए वार कर दुश्मन पर जोरदार हमला करने की योग्यता शामिल है। यह हमला टॉरपीडो से भी किया जा सकता है और ट्यूब-लॉन्च्ड पोत विरोधी मिसाइलों से भी।
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