पटना: बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही विशेष अनुसंधान टीम (SIT) ने शुक्रवार को आयोग के अध्यक्ष सुधीर कुमार को गिरफ्तार किया है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं। बिहार IAS एसोसिएशन ने उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ जंग छेड़ने का ऐलान किया है। एसआईटी के प्रमुख और पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि सुधीर कुमार को सुबह झारखंड के हजारीबाग से गिरफ्तार किया गया। बीएसएससी के अध्यक्ष के चार रिश्तेदारों को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।
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इस मामले में आईएएस सुधीर कुमार की भूमिका पहले से ही संदिग्ध रही है। मामला प्रकाश में आने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने स्वीकार भी किया था कि नौकरी दिलाने के लिए उनके पास कई राजनेताओं के फोन आते थे। पुलिस कई बार सुधीर से पूछताछ कर चुकी है। इस बीच, बिहार आईएएस एसोसिएशन में शामिल अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बैठक की। बैठक के बाद अधिकारियों ने कहा, "हम सुधीर कुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ लड़ेंगे, एड़ी-चोटी एक करेंगे।"
उन्होंने कहा, "सुधीर ईमानदार छवि के अधिकारी रहे हैं। कुमार की गिरफ्तारी का तरीका भी सही नहीं है और उनके खिलाफ साजिश नजर आ रही है।" आईएएस अधिकारियों ने मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह से मुलाकात कर अपना विरोध जताया। एसोसिएशन के सदस्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात कर इसमें हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे।
प्रश्नपत्र लीक मामले में एसआईटी ने गुजरात के अहमदाबाद से एक प्रिंटिंग प्रेस के मालिक विनीत को भी गुरुवार को गिरफ्तार किया था। इस मामले में बीएसएससी के सचिव परमेश्वर राम सहित अब तक करीब 30 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इधर, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने सुधीर कुमार की गिरफ्तारी को दिखावा बताते हुए इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि बीएसएससी की इंटर (12वीं) स्तरीय पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्नपत्र और उसके उत्तर लीक होने के मामले में अहम सबूत मिलने के बाद बिहार सरकार ने आठ फरवरी को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी। इस मामले की जांच की जिम्मेवारी एसआईटी को सौंपी गई है।
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