चेक बाउंस मामला: विजय माल्या पर फैसला 25 मई तक स्थगित
हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने उद्योगपति विजय माल्या के खिलाफ दो चेक बाउंस मामलों में सजा सुनाने का फैसला 25 मई तक के लिए स्थगित कर दिया है।

हैदराबाद: हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने उद्योगपति विजय माल्या के खिलाफ दो चेक बाउंस मामलों में सजा सुनाने का फैसला 25 मई तक के लिए स्थगित कर दिया है। जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के दो चेक बाउंस होने के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
जीएमआर के अधिवक्ता अशोक रेड्डी ने कहा कि अदालत के समक्ष माल्या के पेश नहीं होने की वजह से तृतीय विशेष न्यायाधीश अदालत ने एक बार फिर फैसला स्थगित कर दिया है। तृतीय विशेष न्यायाधीश अदालत को इस मामले पर सोमवार को ही फैसला सुनाना था।
अदालत ने इन्हीं आधारों पर पांच मई को भी फैसला स्थगित किया था। इस मामले में अदालत माल्या और दिवालिया हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के एक अधिकारी को दोषी ठहरा चुकी है।
माल्या को 50-50 लाख रुपए के दो चेक बाउंस होने के दो मामलों में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया है। किंगफिशर ने जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ये दोनों चेक जारी किए थे। जीएमआर यहां राजीव गांधी अतंर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे का संचालन करती है।
गौरतलब है कि माल्या पर विभिन्न बैंकों का लगभग 9,000 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। माल्या फिलहाल ब्रिटेन में हैं। राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चल रही किंगफिशर एयरलाइंस की उडानों के लिए हवाई अड्डे पर चल रही सुविधाओं का उपयोग कर के लिए शुल्क देने के लिए किंगफिशर एयरलाइसं लिमिटेड द्वारा जारी किए गए चेकों से संबंधित है।
रेड्डी ने कहा, "यह एक ज्ञात तथ्य है कि विजय माल्या देश छोडकर भाग गया है, उनका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया है, उन्होंने भी राज्यसभा के पद से इस्तीफा दे दिया है और न ही विजय माल्या ने कभी पहले कोर्ट में उपस्थित होकर अपने आप को चिन्हित किया है यह आरोपी के आचरण को प्रदर्शित करता है। रेड्डी ले दलील देते हुए कहा यह सब देखते हुए आरोपी का इन्तजार करने का कोई मतलब नही है और अधिकतम दो साल सजा देने की मांग भी की।"