नई दिल्ली: दलाई लामा का आज से तवांग दौरा शुरू होने से पहले चीन ने अपने कान खड़े कर लिए हैं तथा वह इस पर पैनी नजर रखे हुए है। वे 4 अप्रैल से 13 अप्रैल तक अरूणाचल में रहेंगे। इस दारौन वह कई जगहों पर जाएंगे। दलाई लामा की यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक है।
दलाई लामा आज लुमला में एक नए तारा मंदिर में अभिषेक करेंगे और इसके बाद राजधानी ईटानगर सहित दो अन्य जगहों पर शिक्षा और उपदेश देंगे। दलाई लामा यहां 5-7 अप्रैल के बीच तवांग में रहने वाले हैं। ल्हासा के बाद तवांग मठ भारत के लिए काफी अहमियत रखता है।
तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा का यह दौरा उस वक्त हो रहा है जब कई मुद्दों को लेकर भारत-चीन संबंधों में तनाव चल रहा है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरने, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता के प्रयास को अवरूद्ध करने तथा जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित कराने के कदम को बीजिंग द्वारा रोकने को लेकर भारत-चीन संबंधों में तनाव आया है।
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